संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर, सड़क-नाली, जमीन, पेंशन और अवैध मैरिज हॉल की शिकायतों पर जांच के निर्देश, ‘एक पेड़-गुरु के नाम’ कार्यक्रम में 50 पौधे रोपे
बरेली : तहसील सदर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अविनाश सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समाधान दिवस में लोक निर्माण विभाग, आवास, पेंशन, सड़क, भूमि और राजस्व समेत विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। डीएम ने शिकायतों के रजिस्टर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्वक किया जाए।
समाधान दिवस में अफसरों की मौजूदगी पर सख्ती
डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि समाधान दिवस में शत-प्रतिशत उपस्थित रहें और अपनी जगह किसी प्रतिनिधि को भेजने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी अनुपस्थित पाया गया या अपने स्थान पर प्रतिनिधि भेजता मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता की शिकायतें सुनने और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
खेत का रास्ता बंद होने की शिकायत पर जांच के निर्देश

समाधान दिवस में ग्राम मिर्जापुर मजरा पचदौरा कला निवासी एक फरियादी ने खेत में आने-जाने का रास्ता बंद होने की शिकायत की। फरियादी ने चकरोड की पैमाइश कराकर उस पर मिट्टी का कार्य कराने का अनुरोध किया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला विकास अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मैरिज हॉल की शिकायत पर नगर आयुक्त को जांच के आदेश
शहर के कटरा चांद खां, पुराना शहर निवासी एक आवेदक ने बैंक ऑफ बड़ौदा के पास संचालित मैरिज हॉल को नियम विरुद्ध बताते हुए शिकायत की।डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त को शीघ्र जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं कैलाशपुरम जन कल्याण समिति ने क्षेत्र की टूटी सड़कों और नालियों तथा सफाई व्यवस्था की समस्या उठाई।समिति का कहना था कि नालियों में कचरा जमा होने से बीमारी फैलने का खतरा है और नियमित रूप से सफाई कर्मचारी भी नहीं आते। डीएम ने नगर निगम को क्षेत्र का निरीक्षण कर शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
गंभीर बीमारी से पीड़ित कंचन को मौके पर मिला अंत्योदय राशन कार्ड

समाधान दिवस में मानव संवेदना से जुड़ा मामला भी सामने आया। गंभीर बीमारी से पीड़ित और नियमित डायलिसिस करा रही कंचन ने जिलाधिकारी के समक्ष अंत्योदय राशन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग रखी। प्रकरण की तत्काल जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद मौके पर ही कंचन को अंत्योदय राशन कार्ड प्रदान किया गया। कंचन के पति ने राशन कार्ड प्राप्त किया। इसके अलावा एक महिला को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि और दो पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड भी प्रदान किए गए।
‘एक पेड़-गुरु के नाम’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वहीं, वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत वन एवं वन्यजीव प्रभाग, बरेली की ओर से बरेली कॉलेज परिसर में ‘एक पेड़-गुरु के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में बरेली कॉलेज और बरेली इंटर कॉलेज के शिक्षक -शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों ने हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लिया।
शिक्षकों के साथ मंत्री ने किया पौधारोपण

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में राज्य मंत्री और शिक्षकों ने पौधारोपण किया। इस दौरान करीब 50 पौधे लगाए गए, जबकि कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षकों और विद्यार्थियों को पौधे भी वितरित किए गए। राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन में गुरुजनों और माता -पिता के सम्मान को जीवन की सफलता से जोड़ते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने गुरु और माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने पौधों के पर्यावरणीय और सामाजिक महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौती से निपटने में पौधारोपण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
शिक्षकों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में बरेली कॉलेज, बरेली इंटर कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों से जुड़े कई शिक्षकों को राज्य मंत्री की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम का आयोजन वन एवं वन्यजीव प्रभाग, बरेली के निर्देशन में हुआ, जिसमें शिक्षक, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, मीडिया और आमजन शामिल रहे।
