एसपी चीफ ने कहा – भाजपा के लिए धन पहले, धर्म बाद में’…वन नेशन-वन इलेक्शन पर बोले-प्रधानी का चुनाव तक नहीं करा पा रही सरकार
आजमगढ़/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राम मंदिर के कथित चढ़ावा और दान सामग्री प्रकरण, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, पंचायत चुनाव, ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
‘राम मंदिर की आस्था से खिलवाड़ करने वालों को भगवान राम माफ नहीं करेंगे’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और वहां हुई कथित घटनाओं से पूरे देश के श्रद्धालु आहत हैं। उन्होंने कहा कि “जो भी आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे भगवान राम कभी माफ नहीं करेंगे।”
‘SIT बनी, लेकिन रिपोर्ट कहां है?’
राम मंदिर के कथित चढ़ावा और दान सामग्री मामले का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार ने एसआईटी तो गठित कर दी, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि जांच रिपोर्ट कहां है और किसे सौंपी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रही, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची।
धन पहले, धर्म बाद में
भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “इनके लिए धन ही धर्म है, धर्म बाद में और पहले धन है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद स्वीकार कर रही है कि सीसीटीवी से छेड़छाड़ हुई। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सीसी का मतलब चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी हो गया है।
वन नेशन-वन इलेक्शन की बात, लेकिन पंचायत चुनाव नहीं
उन्होंने कहा कि जो सरकार ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की बात करती है, वही समय पर पंचायत चुनाव तक नहीं करा पा रही है। उनके अनुसार पंचायत चुनाव में देरी से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण क्षेत्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 में भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी, किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आजमगढ़ सहित पूरे प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को थानों, तहसीलों और अस्पतालों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखना जरूरी है और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
सरकार बनी तो अयोध्या को बनाएंगे विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी
उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को दुनिया की अनुपम और अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या को ऐसी आध्यात्मिक नगरी बनाया जाएगा, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सच्ची आस्था और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से अयोध्या के सनातन गौरव, आस्था और विश्वास को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही अयोध्यावासियों के पारंपरिक सम्मान, अधिकारों और गौरव की पुनर्स्थापना का भी संकल्प लिया जाएगा।
उदय प्रताप सिंह बोले- राम मंदिर चढ़ावा मामला उठाने पर अखिलेश की होनी चाहिए सराहना
सपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और हिंदी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा और दान सामग्री प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह मुद्दा उठाकर विपक्ष की जिम्मेदारी निभाई और राम मंदिर की पवित्रता बनाए रखने का प्रयास किया।इसलिए उनकी आलोचना नहीं बल्कि सराहना होनी चाहिए थी।उदय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के कथित चढ़ावा मामले में गठित जांच को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाए। जिसमें रामभक्तों पर गोली चलाने का जिक्र किया गया था। उनका कहना था कि उस समय की कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के तहत हुई थी। सपा नेता ने सरकार से पूरे प्रकरण पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
