जींद/सफीदों: हरियाणा के जींद जिले के सफीदों क्षेत्र में होली के रंग बनाने वाली एक फैक्टरी में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में पांच महिलाओं की झुलसकर मौत हो गई, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
फैक्टरी में काम कर रहे थे करीब 30 मजदूर
जानकारी के अनुसार हादसे के समय फैक्टरी में लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक फैक्टरी में आग लग गई, जिससे कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। मौके पर मौजूद मजदूरों का आरोप है कि हादसे के समय फैक्टरी के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से कई मजदूर समय रहते बाहर नहीं निकल पाए और आग की चपेट में आ गए।
दमकल की टीम ने कई घंटों बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद कई घंटों में आग पर काबू पाया। तब तक फैक्टरी के अंदर भारी नुकसान हो चुका था। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री के कारण आग फैलने की जताई जा रही है।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादसे में झुलसे मजदूरों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को दो एंबुलेंस के जरिए जींद के नागरिक अस्पताल लाया गया। पहली एंबुलेंस से तीन घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें सफीदों निवासी रानी (45) पत्नी अनिल कुमार, जगबीर (40) पुत्र चंद्रभान निवासी आदर्श कॉलोनी सफीदों और पवन कुमार (30) पुत्र बालवीर निवासी निसंग, जिला करनाल शामिल हैं। इसके अलावा कश्मीरी (39) पत्नी लाभ सिंह निवासी शिव कॉलोनी सफीदों, कमलेश (54) पत्नी रमेश निवासी गीता कॉलोनी और बिमला (60) पत्नी सत कुमार निवासी सफीदों को भी झुलसी हालत में नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इलाके में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों और फैक्टरी में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।
