बरेली : शहर के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एनपीएचसी) गंगापुरम में कार्यरत सपोर्ट स्टाफ ज्योति प्रकाश पर सरकारी दस्तावेजों के रखरखाव में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी की तहरीर पर थाना इज्जतनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह ने मीडिया को बताया कि गंगापुरम स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीपीएमयू यूनिट स्थापित है, जहां जिले के सभी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की शहरी आशाओं के भुगतान से संबंधित वाउचर सुरक्षित रखे जाते हैं। हाल ही में जब जुलाई और अगस्त 2025 के वाउचर की जांच के लिए कार्यालय से स्टाफ भेजा गया तो पाया गया कि जुलाई माह के सभी वाउचर और अगस्त माह के करीब 100 वाउचर गायब हैं।
जांच के दौरान खुलासा
जांच के दौरान नोडल अधिकारी, अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर और सीसीपीएम की टीम ने स्टोर रूम की छानबीन की तो गुम वाउचर नहीं मिले। पूछताछ में शक ज्योति प्रकाश पर गया। सख्ती से पूछने पर उसने स्वीकार किया कि उसने आशा भुगतान वाउचर चलते-फिरते कबाड़ी को बेच दिए थे।
एमओआईसी के खिलाफ मुकदमा

इस मामले को गंभीर मानते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारी ने ज्योति प्रकाश के खिलाफ सरकारी दस्तावेजों के रखरखाव में लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रकरण की अलग से विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
