सपा प्रमुख बोले – “भाजपा ने नीतीश को बनाया चुनावी दूल्हा, सत्ता में आते ही बदल देंगे! बीजेपी किसी की सगी नहीं, चुनाव बाद दगा करेगी!, इलेक्शन कमीशन पर भी उठाएं सवाल
लखनऊ/गाजीपुर : बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक तापमान चरम पर है, और इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए चुनाव जीतता भी है, तब भी भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को केवल “चुनावी दूल्हा” बनाया है, सत्ता के बाद कुर्सी उन्हें नहीं मिलेगी।
बिहार बदलाव चाहता है!

गाज़ीपुर के सैदपुर में विधायक अंकित भारती के विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा “बिहार की जनता बदलाव चाहती है। खुशहाली और तरक्की चाहती है। इस बार बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी।”
भाजपा किसी की सगी नहीं!

सपा प्रमुख अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा अपने सहयोगियों को धोखा देती है। “महाराष्ट्र देख लीजिए। चुनाव से पहले चेहरे बदल दिए जाते हैं। वही बिहार में होने वाला है। भाजपा ने नीतीश जी को चुनाव के लिए आगे कर दिया है, लेकिन जीत के बाद उन्हें किनारे कर देगी।”
तेजस्वी को पूरा समर्थन

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने साफ कहा “तेजस्वी मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। हम सब उनके साथ हैं। सरकार चलाने में हर संभव सहयोग करेंगे।” पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची (SIR) को लेकर भाजपा पर हस्तक्षेप और पक्षपात का आरोप लगाया। बोले – “बीएलओ की सूची देख लो। एक भी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नहीं मिलेगा। भाजपा PDA से डरती है।”
अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक सवाल भी उठाए

उन्होंने कहा कि अमेरिका में प्रधानमंत्री का मजाक उड़ रहा है। चीन ने भारत के बाजार पर कब्जा कर लिया। किसानों को खाद, डीएपी नहीं मिल रही है। महंगाई और बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने कहा कि “भाजपा केवल भाषण देती है, विकास नहीं। समाज को बांटने में माहिर है।”
नियम विरुद्ध मतदाता बनाने की आयोग से शिकायत

समाजवादी पार्टी ने बरेली-मुरादाबाद खण्ड शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में नियम विरुद्ध तरीके से मतदाता बनाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। सपा ने आरोप लगाया है कि बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल और रामपुर जिलों में निजी विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के कर्मचारी, लिपिक, चपरासी, लैब असिस्टेंट, चौकीदार व सगे-सम्बंधियों को शिक्षक दिखाकर फॉर्म-19 भरवाकर मतदाता बनाया जा रहा है, जो निर्वाचन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।।सपा ने कहा कि वित्तविहीन और अंशकालिक शिक्षक दिखाकर मतदाता सूची को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। पार्टी ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में बिना अनुमोदन वाले शिक्षकों को भी अवैध तरीके से शामिल किया जा रहा है। सपा ने मांग की है कि भारत निर्वाचन आयोग एक उच्च स्तरीय जांच टीम भेजकर सभी जनपदों में जांच कराए और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करे ताकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
