बरेली: सुबह-सुबह बरेली के जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब तेजतर्रार कमिश्नर भूपेंद्र कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। उनकी अचानक एंट्री से डॉक्टरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कमिश्नर ने सबसे पहले सीएमएस कार्यालय का निरीक्षण किया और फिर ओपीडी, इमरजेंसी, महिला वार्ड, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड रूम का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत की और दवाओं की गुणवत्ता की जांच की।
गंदगी पर लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान जब सफाई की बारी आई, तो कुछ जगहों की हालत देखकर कमिश्नर भड़क उठे। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई और साफ कहा, “अस्पताल में गंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने अस्पताल की जर्जर इमारतों की मरम्मत के भी निर्देश दिए और कहा कि मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जो डॉक्टर या कर्मचारी ड्यूटी पर देर से पहुंचे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
चौकीदार बोला – प्राइवेट लोगों को देता है अस्पताल के कमरे
निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाली शिकायत भी सामने आई। एक चौकीदार ने बताया कि अस्पताल का एक कर्मचारी पैसे लेकर सरकारी कमरे निजी लोगों को देता है और विरोध करने पर धमकी देता है। यह सुनकर कमिश्नर ने तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए और कहा — “अस्पताल में दबंगई करने वाले कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे।”
कर्मचारियों को सख्त चेतावनी
कमिश्नर भूपेंद्र कुमार का यह औचक निरीक्षण एक सख्त संदेश है — कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और दबंगई की जगह अब जवाबदेही ले रही है। देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में कितना सुधार आता है।
