जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास मंगलवार सुबह एक भयावह हादसा हो गया। मनोहरपुर इलाके में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई एक बस में अचानक आग लग गई। हादसे में बस में सवार तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। बस उत्तर प्रदेश से मजदूरी के लिए आए लोगों को ईंट भट्टे तक लाने-ले जाने का काम करती थी।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे बस टोडी क्षेत्र स्थित ईंट भट्टे की ओर जा रही थी। रास्ते में अचानक बस का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। इससे बस में जोरदार करंट दौड़ गया और चंद ही पलों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। हादसे के समय बस में कई गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे। करंट लगने के बाद गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने से आग और ज्यादा भड़क गई और अफरातफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल 5 मजदूरों को तुरंत एम्बुलेंस से जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। बाकी घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज जारी है।
हादसे में पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले नसीम (50) पुत्र अली हुसैन और उनकी बेटी सहीनम (20) पुत्री नसीम की मौत हो गई है। तीसरे मृतक की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर ईंट भट्टे में काम करने के लिए यूपी से जयपुर आए थे, जिससे मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बस हाईटेंशन लाइन के इतने करीब कैसे पहुंच गई।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार अगर बस सवार समय रहते नीचे नहीं उतरते तो मौतों का आंकड़ा और बड़ा हो सकता था। आग से बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई है।
मजदूरी करने आए गरीब परिवारों पर यह कहर टूट पड़ा है। प्रशासन जल्द से जल्द मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुट गया है।
