लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अब नकली और घटिया क्वालिटी की दवाओं पर बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औषधि सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सख्त और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
प्रदेश में आए दिन नकली व गुणवत्ताविहीन दवाओं के पकड़े जाने के मामलों को देखते हुए सरकार अब जांच प्रणाली को मजबूत करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने हर जिले में जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी का नया पद सृजित करने की मंजूरी दे दी है। यह अधिकारी जिले में औषधि निरीक्षकों की कार्यप्रणाली और दवा जांच व्यवस्था पर सीधी निगरानी रखेगा।
फिलहाल प्रदेश के 13 जिलों में एक भी औषधि निरीक्षक तैनात नहीं है और कई निरीक्षक दो-दो जिलों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसी वजह से नकली दवाओं पर रोक की कार्रवाई प्रभावित होती रही है।
सरकार ने औषधि नियंत्रण विभाग का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है। विभाग में अभी 109 औषधि निरीक्षकों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से 32 पद खाली पड़े हैं। अब इन पदों की संख्या बढ़ाकर इसे दोगुना किया जाएगा ताकि दवाओं की गुणवत्ता जांच में तेजी आ सके।
साथ ही उपायुक्त (औषधि) और संयुक्त आयुक्त (औषधि) के पद भी बढ़ाए जाएंगे। जिससे विभागीय कार्रवाई और जवाबदेही बेहतर हो सके।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से नकली दवाओं के नेटवर्क पर कड़ी नकेल कसी जाएगी और आम जनता को सुरक्षित दवाइयाँ उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा।
