सपा प्रमुख अखिलेश यादव
लखनऊ : यूपी की राजनीति में एक बार फिर दलित अत्याचार का मुद्दा गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा है कि “उत्तर प्रदेश में दलितों पर अन्याय और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा राज में सामंती ताकतों का मनोबल चरम पर है, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।”
“भाजपा शासन में पीडीए के अधिकार छीने जा रहे हैं”
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग को लगातार निशाना बना रही है कि एक तरफ सत्ता समर्थक पीडीए वर्ग का अपमान कर रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार उनके आरक्षण और नौकरी के अधिकार छीन रही है। यह दोहरी नीति दलित और पिछड़े समाज को तोड़ने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अपराधियों और सामंतवादियों को खुला संरक्षण मिला हुआ है। “पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है, इसलिए दलितों और महिलाओं के साथ अपराध की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं होती।”
रायबरेली और काकोरी की घटनाएं उदाहरण
सपा अध्यक्ष ने रायबरेली और लखनऊ की हालिया घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि “रायबरेली में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या की गई, जबकि लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में एक बुजुर्ग दलित के साथ अपमानजनक व्यवहार हुआ। यह तो केवल दो घटनाएं हैं, प्रदेश में रोज़ाना ऐसी दर्जनों घटनाएं हो रही हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में असामाजिक और सामंती तत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है। “जब सरकार ही अपराधियों के साथ हो, तो गरीब और दलित को न्याय कौन देगा?”।
“2027 में जनता देगी जवाब”
अखिलेश यादव ने कहा कि अब पीडीए समाज भाजपा की नीतियों को भली-भांति समझ चुका है। “पीडीए समाज पीड़ा के एक सूत्र में बंध चुका है। अब जनता 2027 के चुनाव में भाजपा को हटाने का संकल्प ले चुकी है। जब भाजपा जाएगी तभी दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और महिलाएं सुरक्षित होंगी, तभी आरक्षण और रोजगार के अधिकार लौटेंगे।”
भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा का अहंकार अब चरम पर है। “यह सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है, पुलिस को राजनीतिक हथियार बना दिया गया है। जो आवाज़ उठाता है, उसे दबा दिया जाता है। लेकिन अब जनता डरने वाली नहीं, जवाब देने को तैयार है।”
