लखनऊ: एक कारोबारी की पत्नी की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान निकिता महाना (28) के रूप में हुई, जो कृष्णा नगर के सेक्टर-D में रहने वाले सीमेंट कारोबारी पार्थ महाना की पत्नी थीं।
मायकेवालों का आरोप है कि निकिता की हत्या दहेज के लिए की गई थी। उन्हें चोट के निशान और गर्दन पर खरोंचें मिलीं, जो यह संकेत देती हैं कि उसकी जान से खिलवाड़ किया गया। मृतका को अपोलो अस्पताल में छोड़कर पार्थ महाना और उनके परिवार ने मौके से फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
निकिता और पार्थ महाना की शादी तीन साल पहले 7 दिसंबर 2022 को दिल्ली के टाउन प्लाजा होटल में हुई थी। निकिता दिल्ली के मालवीय नगर की रहने वाली थीं, जबकि पार्थ महाना कानपुर के जाजमऊ के डिफेंस कॉलोनी के हैं। दोनों परिवार की मुलाकात जीवनसाथी डॉट कॉम के जरिए हुई थी। निकिता की पढ़ाई दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में हुई थी और उनके पिता ऑटो चलाते हैं।
मायकेवालों का कहना है कि निकिता लगातार ससुराल में प्रताड़ित की जा रही थी। उसकी बहन मुस्कान ने बताया कि पार्थ महाना उसे मारता था और सही खाना नहीं देता था। सास लगातार दहेज न लाने का ताना देती थी। घटना से कुछ दिन पहले 18 अक्टूबर की रात पार्थ महाना ने निकिता को लखनऊ के घर में लाया। देर रात उन्होंने फोन कर निकिता के फांसी लगाने की सूचना दी और उसे अस्पताल ले जाने का दावा किया।
निकिता की मां सुनीता ने बताया कि उन्होंने रात 3:30 बजे फोन पर पार्थ से बात की और सुबह तक उसकी जानकारी नहीं मिली। जब परिवार लखनऊ पहुँचा, तो पता चला कि निकिता की मौत हो चुकी थी। सुनीता ने आरोप लगाया कि यूपी विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना पार्थ के सगे ताऊ हैं और यही वजह है कि पुलिस मामले में ढिलाई कर रही थी।
मौसी किरण ने कहा कि निकिता के शरीर पर मार खाने के कई निशान थे। अस्पताल में उसके ससुराल का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। निकिता को लावारिस की तरह छोड़ दिया गया था। पुलिस ने भी तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की।
निकिता के पिता राजेश कुमार ने पार्थ महाना, ससुर राजीव महाना, सास गीता महाना और ननद श्रेया महाना के खिलाफ दहेज हत्या की शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में दहेज जैसी कुरीतियों और घरेलू हिंसा के खतरों को भी उजागर करता है। निकिता की मौत एक सवाल छोड़ गई है कि क्या पीड़ित परिवारों को न्याय समय पर मिलेगा और ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई होगी।
