लखनऊ : दीपावली के शुभ अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनता को बधाई देते हुए भाजपा सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि “हमारी यही कामना है कि सच्ची दिवाली का उजाला हर घर तक पहुँचे।”अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रजापति समाज (कुम्हार वर्ग) के श्रम और कला से ही दीयों की परंपरा जीवित है, लेकिन भाजपा सरकार इन पारंपरिक कारीगरों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि “हम यह संकल्प लेते हैं कि 2027 की दिवाली पर पीडीए (प्रजापति विकास प्राधिकरण) सरकार प्रदेश के प्रजापति समाज से करोड़ों रुपये के दीये खरीदेगी, ताकि उनके घरों में महीनों तक दिवाली का प्रकाश बना रहे।”
‘दीया भी यूपी का हो, बाती भी, तेल भी और रोशनी भी’
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि दीपोत्सव के ठेके उत्तर प्रदेश के कारीगरों की जगह तटीय राज्यों को देकर भाजपा ने स्थानीय कलाकारों का हक़ छीन लिया है। “हम चाहते हैं दीया भी उत्तर प्रदेश का हो, बाती भी, तेल भी और रोशनी भी। भाजपा सरकार ने यूपी के मेहनतकशों के हक पर चोट की है। यह ‘दीया तले अंधेरा’ करने का पाप है।”
महंगाई, बेरोजगारी और भेदभाव पर सीधा हमला
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और भेदभाव से आम जनता त्रस्त है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय रुकी हुई है, नौजवानों के रोजगार छिन रहे हैं और छोटे व्यवसायी दिवालिया हो रहे हैं। “भाजपा सरकार जाएगी तभी लोगों के जीवन में बदलाव आएगा। महंगाई कम होगी और जनता को राहत मिलेगी।”
सपा का ‘स्थानीय रोजगार’ एजेंडा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अखिलेश यादव का यह बयान आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय रोजगार और पारंपरिक उद्योगों को केंद्र में लाने की रणनीति का हिस्सा है। समाजवादी पार्टी इससे पहले भी ‘माटी के कलाकारों’ और ‘छोटे कारीगरों’ के हक़ की आवाज़ उठाती रही है।
अखिलेश का दीपावली संदेश
अपने संदेश के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि सच्ची दिवाली तभी है जब हर गरीब, हर किसान और हर मेहनतकश के घर में रोशनी हो। “दीयों की रौशनी सबके जीवन में उम्मीद और समानता का उजाला लाए,यही हमारी कामना है।”
