विजिलेंस टीम की गिरफ्त में फायर ब्रिगेड कॉन्स्टेबल राजकमल
चंदौली : आज की बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के चंदौली से है, जहाँ फायर ब्रिगेड विभाग में रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ है।
विजिलेंस टीम ने फायर ब्रिगेड के कॉन्स्टेबल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
रिश्वत लेते ही विजिलेंस टीम का छापा
यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की गई, जब विजिलेंस टीम तीन गाड़ियों में सवार होकर मुगलसराय फायर स्टेशन पहुंची। टीम में करीब 12 अधिकारी शामिल थे।
विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि अस्पतालों और कॉलेजों से अग्निशमन सुरक्षा व NOC जारी करने के नाम पर भारी रिश्वत ली जा रही है। जाल बिछाया गया एक शिकायतकर्ता को स्याही लगे नोट देकर भेजा गया। जैसे ही कॉन्स्टेबल राजकमल ने रकम हाथ में ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
ऑफिस से खींचकर बाहर ले गई टीम
गिरफ्तारी के बाद जब विजिलेंस टीम राजकमल को बाहर ला रही थी, तो उसने खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारे, धौंस भी दी — लेकिन टीम नहीं मानी। उसे खींचते हुए जबरन गाड़ी में बिठाया गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने यह पूरा दृश्य मोबाइल में कैद कर लिया।
गाड़ी से भागने की कोशिश, फिर मारा-पीटा गया
गाड़ी में बिठाने के बाद कॉन्स्टेबल ने अचानक दूसरी तरफ का दरवाजा खोला और भागने की कोशिश की। लेकिन टीम के अधिकारियों ने तुरंत पीछा किया, कॉलर पकड़कर उसे गिराया और थप्पड़ जड़ दिए। कुछ ही सेकंड में उसे दोबारा गाड़ी में बैठाकर काबू में कर लिया गया।
हाथ धुलवाने से हुई रिश्वत की पुष्टि
टीम ने मौके पर ही ट्रैप टेस्ट किया राजकमल के हाथ धुलवाए गए, और पानी गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
इस बीच टीम ने विरोध करने वाले अन्य कर्मियों को भी समझाया कि कार्रवाई प्रमाणों के आधार पर की जा रही है। इसके बाद टीम ने आरोपी कॉन्स्टेबल राजकमल को हिरासत में लेकर वाराणसी के लिए रवाना कर दिया।
