बरेली : यूपी के बरेली में 26 सितंबर के बवाल के मामले में आरोपी मौलाना तौकीर रजा की मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीजेएम कोर्ट, बरेली में पेशी हुई। तौकीर रजा फिलहाल फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ जेल में बंद हैं और वहीं से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कोर्ट ने मौलाना तौकीर की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है, और अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की है। कोतवाल अमित पांडेय ने मीडिया को बताया कि बवाल से संबंधित सभी मुकदमों में रिमांड मंजूर कर लिया गया है। कोतवाली में दर्ज मुख्य मुकदमे में मौलाना तौकीर को बवाल का मुख्य आरोपी बताया गया है, जबकि अन्य 10 मुकदमों में साजिशकर्ता के रूप में नाम दर्ज है।
मौलाना के करीबी भी पेश
सीजेएम कोर्ट में मौलाना तौकीर के करीबी नदीम, डॉ. नफीस, नफीस का बेटा और अनीस सकलैनी को भी पेश किया गया। 26 सितंबर 2025 को बरेली में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद के समर्थन में इत्तेहाद -ए- मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के बुलावे पर भारी भीड़ जमा हुई थी। मौलाना तौकीर नदारद रहे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर स्थिति काबू में की। बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस बवाल के सिलसिले में शहर के अलग-अलग थानों में 11 मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद अगले दिन, 27 सितंबर को पुलिस ने तौकीर रजा को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेजा। अब तक सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मौलाना के कई करीबी शामिल हैं।
अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई
मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी के बाद बीडीए और नगर निगम ने उनके सहयोगियों और मददगारों की संपत्तियों पर कार्रवाई की। नफीस का बरातघर अवैध घोषित कर पूरी तरह ध्वस्त। मौलाना के करीबी सपा पार्षद के अवैध चार्जिंग स्टेशन पर नगर निगम ने कार्रवाई। विद्युत निगम ने बिजली चोरी के आरोप में 8 मुकदमे दर्ज किए। तौकीर रजा के करीबी के दो बरातघर, एक होटल और फरहत का मकान सील। बीडीए ने अन्य अवैध संपत्तियों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अवैध निर्माण और बवाल में शामिल लोग बख्शे नहीं जाएंगे।
