नई दिल्ली : संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने वित्त, रक्षा, रेलवे और नागरिक मामलों समेत कई अहम मुद्दों की जांच के लिए छह उप-समितियों का गठन किया है। इन समितियों का उद्देश्य सरकारी विभागों में देरी, गड़बड़ियों और ऑडिट रिपोर्टों में दर्ज मामलों की गहन समीक्षा करना है।
वित्त उप-समिति
वित्त मामलों की जांच के लिए उप-समिति का संयोजन सुखेंदु शेखर रे (टीएमसी) करेंगे और कांग्रेस नेता अमर सिंह वैकल्पिक संयोजक होंगे। इस समिति में भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, सी.एम. रमेश, अनुराग ठाकुर, टीडीपी के एम. श्रीनिवासुलु रेड्डी और जनसेना पार्टी के बालाशोवरी वल्लभनेनी सदस्य हैं।
रक्षा उप-समिति
रक्षा मामलों की जांच के लिए उप-समिति की संयोजक भाजपा नेता अपराजिता सारंगी होंगी और वैकल्पिक संयोजक सी.एम. रमेश होंगे। समिति में वल्लभनेनी, सूर्या, रेड्डी, रविशंकर प्रसाद (भाजपा) और टीआर बालू (डीएमके) सदस्य हैं।
रेलवे उप-समिति
रेलवे मामलों की जांच के लिए के. लक्ष्मण (भाजपा) संयोजक और तिरूची शिवा (डीएमके) वैकल्पिक संयोजक होंगे। सदस्य हैं: सौगत राय (टीएमसी), जय प्रकाश (कांग्रेस), अशोक चव्हाण, जगदंबिका पाल और अनुराग ठाकुर (भाजपा)।
सिविल-I और सिविल-II उप-समितियां
सिविल-I: संयोजक धर्मेंद्र यादव (सपा), वैकल्पिक संयोजक निशिकांत दुबे (भाजपा); सदस्य: तिरूची शिवा, शक्तिसिंह गोहिल, अमर सिंह, अशोक चव्हाण, रविशंकर प्रसाद।
सिविल-II: संयोजक टीआर बालू (डीएमके), वैकल्पिक संयोजक सुधांशु त्रिवेदी (भाजपा); सदस्य: सौगत राय, जय प्रकाश, जगदंबिका पाल, प्रफुल पटेल (एनसीपी), के. लक्ष्मण।
कार्रवाई रिपोर्ट में देरी की जांच
सरकारी विभागों द्वारा ऑडिट टिप्पणियों पर कार्रवाई रिपोर्ट देने में हो रही देरी की जांच के लिए उप-समिति में सुधांशु त्रिवेदी, सौगत राय, अपराजिता सरंगी, प्रफुल पटेल और निशिकांत दुबे शामिल हैं।
पीएसी की इन छह उप-समितियों का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है, ताकि भविष्य में देरी और लापरवाही के मामलों को कम किया जा सके।
