बरेली : यूपी के बरेली में बवाल के बाद बिजली विभाग (UPPCL) ने बिजली चोरी के मामलों में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। मुख्य अभियंता विद्युत ज्ञान प्रकाश ने मीडिया को जानकारी दी कि जिले में बिजली चोरी के कई मामलों में 1 करोड़ 28 लाख से अधिक की वसूली के लिए वसूली अधिनियम 1958 की धारा-5 के तहत नोटिस (आर.सी.) जारी किए गए हैं।
कटिया डालकर चोरी, FIR दर्ज, अब वसूली की बारी
बिजली विभाग के अनुसार, पूर्व में कई उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत सीधे तार जोड़कर (कटिया डालकर) बिजली चोरी करने पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।
लेकिन संबंधित व्यक्तियों ने अभी तक निर्धारित राजस्व राशि जमा नहीं की है। इस पर विभाग ने अब राजस्व वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है।
इन उपभोक्ताओं पर हुई कार्रवाई, जारी
बिजली विभाग ने वसीम खान हाजी मुल्ला लियाकत सुर्खा, बानखाना, पर 15,39,044, मोनीश खान हसन मियाँ सुर्खा, बानखाना पर 22,29,709, बरकत रजा खान सुर्खा, बानखाना, पर 37,32,339,
गुलाम नवी सरवर निवासी चक महमूद, थाना बारादरी 26,57,065,
अमन रजा खान निवासी सुर्खा, बानखाना पर 26,92,628। इसमें कुल वसूली योग्य धनराशि 1,28,50,787 (लगभग 1.28 करोड़ रुपए) है।
विभाग की सख्त कार्रवाई, जल्द वसूली की तैयारी
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि सभी आरोपितों को वसूली प्रमाण पत्र (RC) की नोटिस भेज दी गई है और शीघ्र ही राजस्व की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ोत्तरी और बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय टीम लगातार अभियान चला रही है।
जानिए क्या है विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135?
इस धारा के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर बिजली चोरी, मीटर से छेड़छाड़ या कटिया डालकर बिजली लेने पर जुर्माना और जेल, दोनों सजा हो सकती हैं। गंभीर मामलों में तीन साल तक की सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि “बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं ने बकाया नहीं चुकाया है, उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।”- मुख्य अभियंता विद्युत, ज्ञान प्रकाश
