बरेली: यूपी के बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ के समर्थन में हुए बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां को गिरफ्तार कर फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया है। उन्हें हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, और जेल परिसर के बाहर भी सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।सूत्रों के अनुसार, मौलाना तौकीर रजा पर NSA यानी रासुका की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ 17 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें दंगा भड़काने, भड़काऊ बयान और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।
सीसीटीवी कैमरे से निगरानी
जेल में उन्हें सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटर किया जा रहा है, और गृह विभाग के अधिकारी खुद पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। फतेहगढ़ सेंट्रल जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में उन्हें रखा गया है ताकि किसी तरह की किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी
पुलिस ने मौलाना की हिस्ट्रीशीट खोलने की भी तैयारी कर ली है। इसके तहत उन पर गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट लगाने की संभावना है। इससे पहले मौलाना तौकीर रजा 2010 के बरेली दंगों में भी जेल जा चुके हैं। बरेली बवाल के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे और अब SIT जांच भी शुरू कर दी गई है। मौलाना समेत 11 लोगों को अब तक जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने रविवार शाम तक और आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौलाना तौकीर रजा पर सरकार का रुख इस बार बेहद सख्त और निर्णायक है। NSA की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रशासन कानून व्यवस्था को किसी भी हाल में कैसे बनाए रखता है।
