सपा प्रमुख ने पूर्व सांसद एवं कवि उदय प्रताप सिंह को किया सम्मानित
लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने रविवार को राज्य मुख्यालय, लखनऊ में हिन्दी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। बोले -हिन्दी विश्व की समृद्ध भाषाओं में एक प्रमुख स्थान रखती है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी ने आज़ादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, और आज भी इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सपा प्रमुख बोले – हिन्दी समाज को एकता के सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। भारतीय समाज की विविधता में एकता का आधार भाषाएं हैं। सभी भारतीय भाषाएं समान हैं और उनका समान रूप से विकास होना चाहिए। भाषाओं का संबंध धर्म से नहीं है।
नेताजी ने हिंदी समेत सभी भारतीय भाषाओं का किया विकास

उन्होंने नेताजी स्व. मुलायम सिंह यादव का स्मरण करते हुए कहा कि हिंदी समेत भारतीय भाषाओं के विकास के लिए बड़ा कार्य किया। अंग्रेजी पर निर्भरता कम करने, प्रचार-प्रसार में हिंदी को बढ़ावा देने तथा सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया का भी उल्लेख कर कहा कि वे हिंदी भाषा के पक्षधर थे, और भारतीय भाषाओं की समृद्धि के लिए कार्यरत थे।
पीसीएस परीक्षाएं इंग्लिश के साथ हिंदी में
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बताया कि पहले पीसीएस परीक्षाएं केवल अंग्रेजी में होती थीं, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार में नेताजी मुलायम सिंह यादव ने हिंदी भाषा में भी पीसीएस परीक्षा देने का प्रावधान किया। इसके साथ ही हिंदी साहित्यकारों को सम्मानित कर उनकी सेवा का आदर किया गया। कार्यक्रम के अंत में पूर्व सांसद एवं प्रख्यात कवि उदय प्रताप सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की सराहना की गई।
हिंदी की भूमिका को विचार विमर्श
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने, भारतीय भाषाओं के संरक्षण तथा शिक्षा और प्रशासन में हिंदी की भूमिका को लेकर विचार-विमर्श भी किया गया।
