दो दिन दबा मामला- अब खुला थाने के भीतर गोली चलने का राज
बरेली : उत्तर रेलवे के बरेली रेलवे स्टेशन जैसा संवेदनशील इलाका जहां सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए, वहीं जीआरपी थाने में पिस्टल से चली गोली ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। 2 सितंबर की रात पद्मावत एक्सप्रेस की स्कॉट ड्यूटी के दौरान अचानक गोली चल गई। इसमें इंस्पेक्टर और एक सिपाही घायल हो गए। अफरातफरी मचने के बाद मामला दबाने की कोशिश हुई,लेकिन अब खुलासा होने पर इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं।
जानें कैसे हुई गोलीबारी?
जानकारी के मुताबिक, जीआरपी थाने से पद्मावत एक्सप्रेस में दो पुलिसकर्मियों की स्कॉट ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी वितरण के दौरान जब सिपाही को पिस्टल दी जा रही थी, तभी लापरवाही से गोली चल गई। गोली इंस्पेक्टर परवेज अली खान के कान को छूकर निकल गई और सिपाही मोनू कुमार की नाक को छूते हुए निकल गई। दोनों घायल हो गए और आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया। मगर, चर्चा बिदाई समारोह के दौरान कहासुनी के दौरान गोलीकांड की हो रही है। मगर, “The Justice HINDI ” पुष्टि नहीं करता।
घटना को दबाने की कोशिश
इस गंभीर घटना को थाने के अंदर ही दबाने की कोशिश की गई। दो दिन तक मामला अफसरों तक नहीं पहुंचाया गया। लेकिन जब हकीकत बाहर आई, तो आला अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की।
इंस्पेक्टर समेत चार निलंबित
एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने मीडिया को बताया कि घटना गंभीर है। जिसके चलते लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें इंस्पेक्टर परवेज अली खान, सिपाही मनोज कुमार, सिपाही मोनू कुमार और सिपाही छोटू कुमार शामिल हैं। एसपी जीआरपी ने कहा स्कॉट ड्यूटी पर जाते समय पिस्टल सौंपने की प्रक्रिया के दौरान लापरवाही हुई। जांच में दोषियों की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
सीओ जीआरपी ने क्या कहा?
सीओ जीआरपी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि सिपाही को पिस्टल देते समय उसकी हैंडलिंग में गंभीर लापरवाही हुई। कारतूस चेंबर में भरा हुआ था और ट्रिगर दबते ही गोली चल गई। गोली थाने में रखे कंप्यूटर के यूपीएस से टकराते हुए इंस्पेक्टर और सिपाही को लगी। उन्होंने कहा कि “यह गंभीर चूक है। सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।” इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन की बात कही।
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
रेलवे स्टेशन पर तैनात पुलिस से यात्रियों को सुरक्षा की उम्मीद होती है। लेकिन जब थाने के अंदर ही पुलिसकर्मी हथियारों से खेलें और गोली चल जाए, तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना लाज़मी है।
