इस्लामिया मैदान में ‘नामूस -ए-रिसालत और मसलक-ए-आला हज़रत कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की ओर से पेश की चादर
बरेली : दरगाह आला हज़रत में जारी 107वें उर्स-ए-रज़वी के दूसरे दिन मंगलवार को इस्लामिया मैदान में नामूस-ए-रिसालत, आपसी सौहार्द और मसलक-ए-आला हज़रत कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। इस कॉन्फ्रेंस की सदारत दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने की, जबकि निगरानी सैय्यद आसिफ मियां ने संभाली। कॉन्फ्रेंस में लाखों जायरीन और उलेमा की मौजूदगी रही, यहां मुल्क और मिल्लत की तरक़्क़ी के लिए दुआ की गई। उलेमा-ए-किराम ने कहा कि ‘आला हज़रत कॉरिडोर’ बनने से दरगाह शरीफ़ आने वाले जायरीन को बेहतर सहूलियतें मिलेंगी और शहर की तरक़्क़ी की राहें भी खुलेंगी।
एसपी चीफ की चादर पेश
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से लखनऊ से आई चादर दरगाह पर पेश की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष समेत पार्टी के प्रमुख लोग शामिल थे। इसके अलावा भोजीपुरा विधानसभा सीट से सपा विधायक शहज़िल इस्लाम, पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद, प्रदेश प्रवक्ता मुहम्मद साजिद, अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद खां, जिला उपाध्यक्ष तनवीरूल इस्लाम, इंजीनियर अकरम आदि ताजुश्शरिया के कुल शरीफ में शामिल हुए। इसके बाद जमात रज़ा -ए- मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां (सलमान मियां) से मुलाकात कर उर्स की मुबारकबाद दी।
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार ने भेजी चादर
झारखंड के राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार की ओर से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष परवेज़ मियां ने दरगाह पर चादर पेश की। राज्यपाल ने फोन पर सज्जादानशीन सुब्हानी मियां से बातचीत कर उर्स-ए-रज़वी की मुबारकबाद दी, और मुल्क की तरक़्क़ी के लिए दुआ की अपील की। दरगाह पर पेश हुई चादर में सय्यद आसिफ मियां, सय्यद मुस्तफा मियां, अजमल नूरी, नासिर कुरैशी, शाहिद नूरी समेत बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष शावेज़ रईस, निहाल खान, इमरान खान, अकरम पठान, जावेद अंसारी, डॉक्टर नबी रज़ा, मोहम्मद आसिम, हाजी जहीर, हाजी शाकिर, इस्लाम सुल्तानी, शाहरुख खान, शानू अंसारी, तोहिद अहमद शामिल रहे।
रात भर चली तकरीर
दरगाह प्रबंधन ने बताया कि जायरीन की सुरक्षा और सहूलियत के लिए ज़िला प्रशासन और पुलिस ने कड़े इंतज़ामात किए हैं। उर्स के दौरान मुल्क ही नहीं बल्कि विदेशों से भी जायरीन बरेली शरीफ़ पहुँच रहे हैं।
