बरेली : अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-7) तबरेज अहमद ने मां-बेटी, और पिता पर हमला करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त योगेश, अखिलेश और अतुल को दोषी करार देते हुए धारा-307/34, 504, 506, 323/34 भारतीय दंड संहिता के तहत 8-8 साल की कठोर कारावास और 10,000-10,000 रूपये का जुर्माना अदा करने की सज़ा सुनाई है।
जानें क्या मामला, 7 साल पहले मुकदमा
मुकदमा अपराध संख्या-847/2018 थाना इज्जतनगर, बरेली में दर्ज हुआ था। पीड़ित शोभादेवी का आरोप है कि आरोपी जेठ अखिलेश, और उनकी पत्नी रामबेटी ने मेरी बेटी के चरित्र पर उल्टे सीधे आरोप लगाए थे। इसका विरोध किया। जिसके चलते आरोपी योगेश, अखिलेश, और अतुल आदि ने तलवार,तमंचे और डंडों से हमला कर दिया। इसमें पति राजेश कुमार के पेट में तलवार मार दी। इससे हालत गंभीर हो गई। इस मामले में पीड़ित की तरफ से शासकीय अधिवक्ता राजेश्वरी गंगवार, और अभियुक्त परमदत्त ने पैरवी की थी।
अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा
शिकायत के अनुसार, पीड़िता शोभा देवी और उनकी बेटी पर अभियुक्तों ने लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। हमले में पीड़िता के पति को भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। अदालत ने सभी आरोपियों को 8-8 वर्ष की सज़ा और 10,000 का अर्थदंड। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त 1-1 माह की सज़ा भुगतनी होगी। धारा-323/34 में 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भी सुनाया गया।
पीड़िता को मिलेगा मुआवज़ा
अदालत ने साफ किया कि पीड़ित परिवार को हुए मानसिक और शारीरिक कष्ट की क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।
