Bareilly News: बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) अब शहर के साथ-साथ गांवों को भी नियोजित विकास की राह पर लाने जा रहा है। बीडीए सीमा में हाल ही में शामिल किए गए 35 गांवों के लिए महायोजना बनाई जाएगी। इससे इन गांवों में डेढ़ लाख से ज्यादा की आबादी को विकास का सीधा लाभ मिलेगा। महायोजना बनने के बाद सड़क, नाली, सीवर और जल निकासी जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके साथ ही नक्शा पास कराना अनिवार्य हो जाएगा, जिससे अनियंत्रित निर्माण पर लगाम लगेगी और बीडीए की आमदनी भी बढ़ेगी।
कैसे बनेगी महायोजना?
महायोजना के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे और चयनित फर्म स्थलीय सर्वेक्षण करेगी। मुख्य नगर नियोजक की निगरानी में यह योजना बनेगी, जिसे प्रकाशित कर आपत्तियां मांगी जाएंगी। अंतिम मंजूरी बीडीए बोर्ड देगा। यह प्रक्रिया 6-8 महीने तक चल सकती है।
महायोजना से क्या-क्या बदलेगा?
- नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा
- अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई
- भू-उपयोग तय होगा – खेती, रिहायशी, इंडस्ट्रियल
- भूतल अनुपात बढ़ेगा (अब 0.2% से बढ़कर 3.5% तक होगा)
- बीडीए के बजट से बनेगी सड़कें, सीवर, ड्रेनेज सिस्टम
बीडीए में शामिल गांवों की स्थिति अभी तक
- बिना नक्शा पास कराए हो रहे निर्माण
- खेती और उद्योग एक ही इलाके में
- ग्राम पंचायतों के सीमित बजट से विकास, जमीन का कोई तय भू-उपयोग नहीं
ये गांव हुए शामिल
सदर तहसील से: लहवरी, भगवतीपुर, कमुआ कलां, नरोत्तम नगला, भीकमपुर माफी
आंवला से: अखा, मजनूपुर, भोजपुर, कैमुआ, सरदारनगर, चाढ़पुर, नवदिया आदि
फरीदपुर से: दहलऊ, खमरिया, जेड़, मेगीनगला, नौगवां, रसुइया, सरकड़ा आदि
विकास के पहले संकेत
महायोजना-2031 के तहत बीडीए सीमा के पुराने गांवों में विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। अब्दुल्लापुर माफी में नाला निर्माण, नवदिया झादा में 64 लाख का टेंडर, मोहनपुर में प्रस्तावित ड्रेनेज सिस्टम जैसे काम जारी हैं।
मुख्य नगर नियोजक अजय सिंह ने बताया महायोजना के लिए आरएफपी को अंतिम रूप दे दिया गया है। एक हफ्ते में इसका प्रकाशन होगा और इसके साथ ही गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
