बरेली : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार रात बरेली में “वोट चोर, गद्दी छोड़” कैंडललाइट मार्च निकाला गया। यह मार्च जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में जसोली चौराहे से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुज़रा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में जलती मोमबत्तियाँ और तख्तियां थीं। जिन पर “Stop Voter Fraud”, “Save Democracy” जैसे नारे लिखे थे। मार्च में भारी संख्या में नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
वोट चोरी कर सरकार बनाने का आरोप
जिला अध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा “केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग की मदद से राज्यों में वोट चोरी कर सरकार बनाई है। लोकतंत्र के इस खुलेआम बलात्कार को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।”महानगर अध्यक्ष दिनेश दददा एडवोकेट ने कहा “राहुल गांधी ने संसद में सबूतों के साथ मतदाता सूची में धांधली उजागर की है। अब यह लड़ाई सड़कों से संसद तक लड़ी जाएगी।”
दिल्ली से कर्नाटक, और यूपी तक प्रदर्शन
यह विरोध केवल बरेली तक सीमित नहीं है। 7 अगस्त को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक की एक विधानसभा सीट से जुड़े वोटर लिस्ट मैनिपुलेशन के तथाकथित सबूत पेश किए थे। 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में बेंगलुरु में विशाल रैली हुई। 11 अगस्त को INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करते हुए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने घोषणा की है कि यह अभियान तीन चरणों में पूरे देश में चलाया जाएगा, और जब तक “गद्दी छोड़” नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
यह नेता मार्च में मौजूद
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष कमरुद्दीन सैफी, उल्फत सिंह कठेरिया, एड. मुज्जमिल खान, राजन उपाध्याय, सुरेश वाल्मीकि, जिया उर रहमान, सुरेश दिवाकर, मुकेश वाल्मीकि, जोया, पूनम, गुड्डू खान सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
