नगर निगम के वार्ड 44, 56 और इस्लामिया कॉलेज क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान नालियों की गंदगी देख भड़के नगर आयुक्त
बरेली : यूपी की बरेली नगर निगम की सफाई व्यवस्था की हकीकत जानने मंगलवार को खुद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य फील्ड में उतर आए। वार्ड 44, 56 और इस्लामिया इंटर कॉलेज के पास निरीक्षण के दौरान जब नालियों की हालत देखी, तो सब कुछ साफ -सुथरा दिखाने वाली फाइलों की पोल खुल गई। कागजों में साफ दिखने वाली नालियां जमीनी हकीकत में गंदगी से लबालब थीं। स्थिति इतनी खराब थी कि नगर आयुक्त ने खुद फावड़ा उठाया और नाली की सफाई शुरू कर दी। उनका यह कदम देखकर वहां मौजूद निगम अधिकारी और कर्मचारी सकते में आ गए। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने “The justice Hindi” को बताया कि सफाई व्यवस्था की हकीकत को परखा गया था। लापरवाही मिलने पर दो सफाई कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। इसके साथ ही सफाई सुपरवाइज आदि को नोटिस जारी किया गया है।
झूठी रिपोर्टिंग, और फर्जी फोटो से चली थी खानापूरी
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि जिम्मेदार अफसरों ने फर्जी फोटोग्राफ और गलत रिपोर्टिंग से कार्यों को कागजों में ही ‘पूर्ण’ दिखा दिया था। लेकिन हकीकत में न तो सफाईकर्मी मौजूद थे और न ही नालियों की हालत में कोई सुधार। नगर आयुक्त ने मौके पर ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी, और सफाई पर्यवेक्षकों को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किए और 72 घंटे में हालात सुधारने का अल्टीमेटम दिया।
लगातार बारिश, जलभराव और लापरवाही
बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। बावजूद इसके अधिकारी अपनी रिपोर्टिंग में सब कुछ ठीक बता रहे थे। जब नगर आयुक्त ने खुद सफाई शुरू की, तो पूरे नगर निगम में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि”अब सिर्फ कागज़ी सफाई नहीं चलेगी, जो काम नहीं करेगा। उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी सफाई में लापरवाही दिखे तो नगर निगम की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
