रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में चलेगा ट्रायल, हाईकोर्ट ने कहा- कार्रवाई रद्द करने का कोई आधार नहीं
प्रयागराज/रामपुर/लखनऊ: सपा नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोहरी कानूनी चोट लगी है। तथाकथित फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने के मामलों में दाखिल उनकी दोनों याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए साफ किया कि रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही ट्रायल प्रक्रिया पर रोक लगाने या रद्द करने का कोई ठोस कारण नहीं है। अब इन मामलों में अब्दुल्ला को ट्रायल का सामना करना होगा।
याचिकाओं में यह थी मांग ?
अब्दुल्ला आजम ने हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की थीं। इसमें फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोप में चल रही ट्रायल को रद्द करने की मांग की गई थी। दो पैन कार्ड रखने के मामले में भी संपूर्ण कार्यवाही रद्द करने की मांग थीं, लेकिन दोनों ही याचिकाएं रामपुर के भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर थीं।
जानें फर्जी पासपोर्ट मामला
पासपोर्ट नंबर Z-4307442 (जारी: 10 जनवरी 2018) में जन्मतिथि पासपोर्ट में 30 सितंबर 1990, जबकि शैक्षिक प्रमाण पत्र में 1 जनवरी 1993। इसमें आरोप है कि गलत दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाना था। इसमें धाराएं IPC 420, 467, 468, 471 और पासपोर्ट अधिनियम 12(1A) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
दो पैन कार्ड का मामला
आरोप है कि दो अलग-अलग पैन नंबर का इस्तेमाल किया गया था। शपथ पत्र में पैन DWAPK7513R और आईटीआर में पैन DFOPK6164K था। इसमें धाराएं IPC 120B, 420, 467, 468, 471 में मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप लगाने वाले आकाश सक्सेना ने चुनाव लड़ने के लिए जालसाजी कर दो पैन कार्ड बनवाने का आरोप लगाया था।
हाईकोर्ट का फैसला
1 जुलाई को सुनवाई के बाद जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। 23 जुलाई को हाईकोर्ट ने कहा कि “इन मामलों में ट्रायल चलने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं, कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगी।”इस मामले में रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल जारी है। अभियोजन पक्ष से शरद शर्मा और समर्पण जैन ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से इमरान उल्लाह और मोहम्मद खालिद पेश हुए। अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय होगी।
