लखनऊ से वृंदावन तक विकास के नाम पर हो रहे कथित सौंदर्यीकरण पर सवाल, आस्था, पर्यावरण और बच्चों को लेकर सरकार को चेताया”
लखनऊ :समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश की शहरी योजनाओं, धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास और बच्चों को राजनीतिक विवादों में घसीटने पर गंभीर आपत्तियाँ जताईं।
“सियासत का खेल बड़ों के लिए है, बच्चों को इससे दूर रखें”

“मेरा सरकार से यही निवेदन है कि ये सियासत का खेल बड़े लोगों का है, इसमें बच्चों को ना डालें”, अखिलेश यादव ने यह बात स्पष्ट शब्दों में कहते हुए सरकार को चेताया कि वह संवेदनशील मुद्दों में बच्चों की भागीदारी को लेकर गंभीर हो।
“नाले पर बना रहे हैं रिवर फ्रंट!”

राज्य सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव बोले, “नाले पर पहला रिवर फ्रंट बन रहा है इस सरकार में।”उन्होंने इसे विकास के नाम पर संसाधनों की बर्बादी करार दिया।
“वृंदावन में कूड़े के टीले, क्या यही है आध्यात्मिक पर्यटन?”

उन्होंने कहा, “आज ही हम अगर वृंदावन जाएं तो बड़े-बड़े टीले लगे हैं कूड़े के।”अखिलेश यादव ने प्रश्न उठाया कि जिस नगरी को भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि माना जाता है, वहाँ स्वच्छता की यह स्थिति क्या सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर नहीं करती?
“BJP के कॉरिडोर का लक्ष्य कुछ और होता है”
भाजपा सरकार पर शाब्दिक हमला करते हुए उन्होंने कहा,”यह भारतीय जनता पार्टी कॉरिडोर बनाती है, उसका लक्ष्य कुछ और होता है, दिखाते कुछ और हैं।”उन्होंने धार्मिक शहरों में हो रहे निर्माण कार्यों के पीछे की नीयत पर सवाल उठाए।
“लोहिया और जनेश्वर पार्क की तर्ज पर विकास की ज़रूरत”
अपने शासनकाल की उपलब्धियों का हवाला देते हुए श्री यादव ने कहा, “आज लोहिया और जनेश्वर पार्क लखनऊ सिटी के बेस्ट पार्क बनकर तैयार हुए, ऐसे ही और भी शहरों में बनाया।”
“ये रास्ता नहीं, आस्था है हमारी”
“जो गलियां हैं, वो हमारी आस्था की हैं। कुछ गलियों में राधा कृष्ण के सैकड़ों गीत बने होंगे। यह जब बिगाड़ देंगे, तो वो गीत कहां गूंजेंगे?”उन्होंने धार्मिक स्थलों की गलियों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।
“लखनऊ जैसे शहर का ट्रैफिक नहीं मैनेज कर पा रहे”
राजधानी लखनऊ के ट्रैफिक हालात पर उन्होंने सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाए:”आप लखनऊ जैसी राजधानी का ट्रैफिक नहीं मैनेज कर पा रहे हैं।”
