बरेली : यूपी के बरेली मंडल के किसानों ने भ्रष्टाचार, विभागीय लापरवाही और मांगों की अनदेखी को लेकर जमकर नाराजगी जताई है। सोमवार को मंडल के चारों जिलों बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर से सैकड़ों किसान बरेली कमिश्नरी पहुंचे और वहां पंचायत कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
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17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
किसानों ने आरोप लगाया कि जमीन, बिजली, खाद, गन्ना भुगतान, और फर्जी प्रमाणपत्र जैसे गंभीर मुद्दों पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस दौरान कमिश्नर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 17 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया।
भ्रष्टाचार के बोलबाला का आरोप
किसानों का कहना है कि हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। गरीब और सीमांत किसानों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। बदायूं के हरिराम ने बताया कि कोर्ट का आदेश होने के बावजूद उसे पुश्तैनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है। पीलीभीत के कलिनगर में 181 एकड़ सीलिंग की जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। खुसरो स्कूल के प्रबंधक द्वारा छात्रों को फर्जी मार्कशीट देने का आरोप लगाया।
शुगर मिलों पर गन्ना भुगतान रोकने का आरोप
किसानों ने बहेड़ी की केसर शुगर मिल पर किसानों का गन्ना भुगतान रोका गया। धान की रोपाई के समय डीएपी और एनपी खाद की भारी किल्लत। फतेहगंज में बिजली विभाग ने वैध कनेक्शन वाले किसानों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए। भूमि विकास बैंक की मनमानी का आरोप लगाया। बैंक पर 10 गुना अधिक वसूली का आरोप है । गौशालाएं और अवारा पशु गौशालाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। पशुओं के टीकाकरण और सरकारी नलकूप लगाने की मांग।
बिजली निजीकरण का विरोध
किसानों ने बिजली के निजीकरण का विरोध किया और चेतावनी दी कि इससे ग्रामीण इलाकों में खर्च और भ्रष्टाचार दोनों बढ़ रहे हैं। बरेली मंडल की कमिश्नर ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। लेकिन किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर 1 महीने के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो 1 जुलाई से पूरे मंडल की सीमाएं बंद कर दी जाएंगी।
किसानों की चेतावनी
अब और नहीं सहेंगे अत्याचार। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो बरेली मंडल की सीमाएं होंगी सील। प्रशासन को मिलेगा करारा जवाब।
