बरेली : इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा ख़ान ने देश में मुस्लिमों पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ रविवार को बरेली कलेक्ट्रेट पर गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था। लेकिन प्रशासन ने हालात को देखकर उन्हें घरों में ही नजरबंद कर दिया। मौलाना के घर के बाहर सुबह से ही कोतवाली पुलिस, PAC और अन्य थानों की फोर्स तैनात कर दी गई। जिससे वह अपने कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। मौलाना तौकीर रज़ा का कहना था कि वे मुस्लिम समाज के प्रति हो रहे भेदभाव और अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी गिरफ्तारी देंगे। हालांकि, प्रशासन ने इस कार्यक्रम को कानून-व्यवस्था के लिहाज़ से संवेदनशील मानकर उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। मगर, घर से निकलने को लेकर धक्का मुक्की भी हुई।
आइएमसी पदाधिकारियों ने दी गिरफ्तारी
मौलाना के नजरबंद होने के बावजूद, उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के 11 प्रमुख पदाधिकारी दामोदर पार्क में एकत्र हुए और धरना प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। इन पदाधिकारियों में डॉ. नफीस खान, नदीम खां, डॉ. ज़र्रार, डॉ. मोहम्मद रिज़वान, मुफ़्ती एहसानुल हक़,अफ़ज़ाल बैग, फरहत खान, फरहान रज़ा खान, मुनीर इदरीशी,रफीक बेग, रुख़सार और कामरान आदि ने गिरफ्तारी दी।
धरना संविधान की रक्षा और समानता के लिए
धरने के दौरान इन नेताओं ने कहा कि उनका विरोध किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा और समानता के लिए है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में मुसलमानों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन की ओर से इस पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं। वहीं मौलाना को नजरबंद रखने को एहतियातन कदम बताया गया है।
