जनऔषधि केंद्र का किया उद्घाटन, मरीजों से सीधे संवाद में खुली अस्पताल की कलई, कोविड तैयारियों पर भी जताया गुस्सा
बरेली : यूपी सरकार के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को महाराणा प्रताप जिला अस्पताल, बरेली का औचक निरीक्षण किया। लेकिन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, गंदगी और अव्यवस्थाएं देख मंत्री का पारा चढ़ गया। डिप्टी सीएम ने सीएमएस, डॉक्टरों और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और मौके पर ही जवाब तलब किया।
मरीजों से सीधे बातचीत में सामने आई हकीकत
निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। मरीजों ने बताया कि डॉक्टर समय पर नहीं आते, दवाओं की कमी है और साफ-सफाई का हाल बेहाल है। कुछ ने शौचालयों में गंदगी और स्टाफ की लापरवाही की शिकायत की। इन बातों पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा “जब मरीजों को ही राहत नहीं मिलेगी, तो अस्पताल चलाने का औचित्य क्या है?”
कोविड तैयारियों की खुली पोल, दी सख्त चेतावनी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कोविड डेस्क, आइसोलेशन वार्ड और टेस्टिंग यूनिट का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा “कोरोना की तीसरी लहर हमें सिखा चुकी है कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। बरेली जैसे बड़े शहर के अस्पताल में ये हालात चिंताजनक हैं।”
जनऔषधि केंद्र का उद्घाटन, लेकिन उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का भी उद्घाटन किया। यह केंद्र सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया है। लेकिन अस्पताल में पहले से ही जरूरी दवाओं की कमी और स्टाफ की अनुपलब्धता के बीच यह सवाल भी उठा कि क्या यह केंद्र अपने उद्देश्य में सफल हो पाएगा?
डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर फटकार, समीक्षा बैठक में सख्त संदेश
डिप्टी सीएम ने अस्पताल स्टाफ की अनुपस्थिति, मनमानी छुट्टियों और गैर-जिम्मेदार रवैये को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि”स्वास्थ्य सेवा कोई बहाना नहीं, ये जिम्मेदारी है। इसमें ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर हर विभाग को सुधार के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम ने यह दिए निर्देश
अस्पताल की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित, दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित कोविड संबंधित तैयारियों की रोजाना मॉनिटरिंग और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान अस्पताल की दीवारों पर पान की पीक, वार्डों में टूटी खाटें और शौचालयों में बदबू ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
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