इज्जतनगर पुलिस और जीएसटी एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई, जांच में घोषित व्यापार स्थल नहीं मिला,फर्जी बिलिंग कर बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास ऑन करने का आरोप
बरेली : यूपी के बरेली में फर्जी फर्म के जरिए करीब 3.06 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में इज्जतनगर पुलिस और जीएसटी एसआईटी की टीम ने वांछित आरोपी अमन कश्यप को गिरफ्तार किया है। राज्य कर विभाग की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात करीब 11:10 बजे अमन को बिहारीपुर सिविल लाइंस स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। मामले में फर्जी बिलिंग के जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने और दूसरे व्यापारियों को आईटीसी पास ऑन करने के आरोप हैं।
फर्जी फर्म के जरिए करोड़ों की कर चोरी का आरोप
राज्य कर विभाग के उपायुक्त, खंड-08 बरेली की लिखित शिकायत पर थाना इज्जतनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था शिकायत के अनुसार, अमन कश्यप पुत्र राजेश कश्यप की फर्म मेसर्स जागेश्वर ट्रेडर्स के जरिए कथित तौर पर फर्जी बिलिंग की गई। आरोप है कि इस माध्यम से बोगस आईटीसी का लाभ लिया गया और अन्य व्यापारियों को भी आईटीसी पास ऑन की गई। विभागीय जांच में फर्म का घोषित व्यापार स्थल मौल्या मार्केट, छोटी बिहार, पीलीभीत बाईपास पर मौजूद नहीं मिला। शिकायत में करीब 3.06 करोड़ रुपये की कर चोरी का उल्लेख किया गया है।
आधार-पैन और फोटो देकर फर्म खुलवाने की बात कही
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, अमन कश्यप ने सचिन कुमार और अरुण कुमार से दोस्ती होने की बात बताई। आरोप है कि इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रशांत गुप्ता से हुई, जिसने फर्म खुलवाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लिए थे।अमन के अनुसार, उसे और अरुण को 55 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। शुरुआत में उन्हें पैसे मिलते रहे, लेकिन बाद में प्रशांत ने फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस के अनुसार, अरुण के खिलाफ आयकर विभाग का नोटिस आने के बाद वे छिपने लगे। इन बयानों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
प्रशांत गुप्ता की भूमिका की भी जांच
पुलिस के मुताबिक, प्रशांत गुप्ता इससे पहले भी जीएसटी धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। उसके खिलाफ अन्य मुकदमों में भी जांच और तलाश जारी होने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब इस मामले में संबंधित दस्तावेजों, फर्म के पंजीकरण और कथित आईटीसी लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
