38 ग्राहकों के 40 लोन खातों से जुड़ा मामला, किस्तों के नाम पर 6.95 लाख रुपये लेने का आरोप,1.64 लाख रुपये कंपनी खाते में जमा किए, बाकी रकम का हिसाब नहीं मिलने पर दर्ज हुआ था मुकदमा
बरेली : मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे एक व्यक्ति को ग्राहकों से लोन की किस्तें वसूलने के बाद कंपनी के खाते में पूरी रकम जमा नहीं करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।कोतवाली पुलिस ने आरोपी नेपाल सिंह को 15 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे मुरादाबाद जिले के मुंडापांडे थाना क्षेत्र स्थित उसके गांव से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर 38 ग्राहकों के 40 लोन खातों से संबंधित कुल 5,31,737 रुपये कंपनी में जमा नहीं करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड के डिविजनल मैनेजर सोनू कुमार ने इस मामले में कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत में कंपनी के तत्कालीन एरिया मैनेजर नेपाल सिंह पर ग्राहकों से लोन बंद कराने और किस्तें जमा करने के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि ग्राहकों से कुल 6,95,960 रुपये प्राप्त किए गए, लेकिन इसमें से केवल 1,64,223 रुपये ही कंपनी के बैंक खाते में जमा किए गए। शेष 5,31,737 रुपये कंपनी के खाते में जमा नहीं किए गए।
38 ग्राहकों के 40 लोन खातों से जुड़ा मामला
इस प्रकरण में 38 ग्राहकों के 40 लोन खातों का जिक्र सामने आया है। आरोप है कि ग्राहकों ने अपने लोन की किस्तें जमा करने और लोन बंद कराने के उद्देश्य से रकम दी थी, लेकिन पूरी धनराशि कंपनी तक नहीं पहुंची। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई।
मुरादाबाद स्थित गांव से पुलिस ने दबोचा
पुलिस ने लगातार तलाश के बाद आरोपी नेपाल सिंह पुत्र महीलाल सिंह को उसके गांव दोलारी,थाना मुंडापांडे, जिला मुरादाबाद से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ग्राहकों से किस्तों की रकम लेकर कंपनी के खाते में जमा करना उसकी जिम्मेदारी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने खर्च चलाने के लिए ग्राहकों से प्राप्त धनराशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की।
कंपनी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
मुथूट माइक्रोफिन के डिविजनल मैनेजर सोनू कुमार की शिकायत के आधार पर यह मामला कोतवाली में दर्ज किया गया था। पुलिस अब मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई कर रही है। प्रकरण में ग्राहकों से प्राप्त रकम, कंपनी के खाते में जमा धनराशि और शेष राशि से जुड़े आरोप जांच का हिस्सा हैं।
