निषाद समाज के सम्मेलन में बोले कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, ओबीसी के लिए भी अत्याचार के खिलाफ कानून बनाने की उठाई मांग, 2027 में एनडीए के साथ रहने का जताया भरोसा
बरेली : उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने शुक्रवार को बरेली में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सर्किट हाउस में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के निषाद समाज के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछड़ों के नाम पर राजनीति करता है, लेकिन सत्ता में रहने के दौरान उनके हितों की अनदेखी करता रहा है। मंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर पूछे गए सवाल पर भी विपक्ष की राजनीति पर तंज कसा।
पिछड़ों और दलितों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
डॉ. संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास नकारात्मक राजनीति करने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष सत्ता में था, तब दलितों और पिछड़े वर्गों के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई और अपने लोगों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि पिछड़े वर्गों के नाम पर राजनीति करना और उनके अधिकारों से उन्हें वंचित रखना अन्याय है। उन्होंने मुस्लिम समाज के वोटों का उल्लेख करते हुए भी विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की बात करने वाले दलों को अपने राजनीतिक आचरण से भी इसे साबित करना चाहिए।
ओबीसी के लिए भी कानून बनाने की मांग
सम्मेलन में मत्स्य मंत्री ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों और सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि अनुसूचित जाति (एससी) के खिलाफ अत्याचार के मामलों में लागू कानूनी व्यवस्था की तर्ज पर ओबीसी के लिए भी अत्याचार से सुरक्षा देने वाला कानून बनाया जाना चाहिए। डॉ. संजय निषाद के मुताबिक, पिछड़े वर्ग के लोगों को भी न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधानों की जरूरत है। हालांकि, यह उनकी ओर से उठाई गई मांग है। ओबीसी के लिए अलग कानून बनाए जाने को लेकर सरकार की ओर से किसी नए निर्णय की घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
अखिलेश यादव के सवाल पर विपक्ष पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. संजय निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, बयान देने और पोस्टरबाजी करने के अलावा कुछ नहीं बचा है। मंत्री ने दावा किया कि जनता ने तय कर लिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले और उसके बाद भी एनडीए के साथ रहना बेहतर है। उन्होंने एनडीए को शांति, सुख और समृद्धि से जोड़ते हुए गठबंधन के प्रति भरोसा जताया।
निषाद समाज की राजनीतिक भागीदारी पर जोर
बरेली के सर्किट हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में बरेली के साथ पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं से आए निषाद समाज के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान समाज के अधिकारों, राजनीतिक भागीदारी और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
