कैबिनेट मंत्री की शिकायत पर कैंट थाने में दर्ज हुई एफआईआर, जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना और जान से मारने की साजिश के आरोप; तबीयत सुधरने पर लिए जाएंगे बयान
देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत पर उनके पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के लिए दस सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम की अध्यक्षता एसपी देहात जया बलूनी करेंगी। मामले में पुलिस संबंधित दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मंत्री की तबीयत ठीक होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में गठित हुई टीम
मामले की जांच के लिए गठित टीम में एसपी देहात जया बलूनी के साथ क्षेत्राधिकारी सहसपुर और विवेचक अनुज कुमार, कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट, एसओजी नगर के उपनिरीक्षक संदीप कुमार, कोतवाली डालनवाला की उपनिरीक्षक विनयता चौहान, थाना कैंट के उपनिरीक्षक कमलेश गौड़, कोतवाली नगर के उपनिरीक्षक संदीप कुमार, एसओजी नगर के हेड कांस्टेबल किरन कुमार और थाना कैंट के संजीत कुमार शामिल हैं। पुलिस टीम शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। मंत्री के बयान भी जांच का अहम हिस्सा होंगे। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले के तथ्यों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मंत्री ने पति पर लगाए जालसाजी और प्रताड़ना के आरोप
रेखा आर्या ने गुरुवार रात अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना और जान से मारने की साजिश रचने के आरोप लगाए थे। उनकी शिकायत के आधार पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके पति पहले से विवाहित थे और उन्होंने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। रेखा आर्या के मुताबिक, वर्ष 2004 में बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पहली शादी और उससे बच्चों के बारे में पता चला। उन्होंने आरोप लगाया कि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह लंबे समय तक चुप रहीं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति के दूसरी महिलाओं से संबंध थे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि गिरधारी लाल साहू एक महिला के साथ मिलकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे हैं। ये सभी आरोप शिकायत के आधार पर सामने आए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर कर पद से हटाने का भी आरोप
रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने कुछ दस्तावेजों पर उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर कराकर उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था। मंत्री के मुताबिक, उन्होंने पति के व्यवहार और कथित अनियमितताओं का विरोध किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। शिकायत में सरकारी आवास पर आकर आपत्तिजनक शब्द कहने का आरोप भी शामिल है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। अस्पताल में भर्ती रेखा आर्या की तबीयत में सुधार होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। जांच के निष्कर्ष और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
