फरीदपुर के साठा पुलिया के पास पुलिस मुठभेड़ का दावा, घायल कासिम खां को सीएचसी से जिला अस्पताल किया गया रेफर
बरेली : यूपी के बरेली देहात के थाना फरीदपुर पुलिस ने बीसलपुर रोड स्थित साठा पुलिया के पास संदिग्ध बाइक सवारों से मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर एक्ट में वांछित आरोपी कासिम खां को घायल अवस्था में गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कासिम के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी जाहिद अली खां को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो 315 बोर के तमंचे, कारतूस, खोखे और एक मोटरसाइकिल बरामद करने की बात कही है।
गैंगस्टर एक्ट में वांछित था कासिम
पुलिस के अनुसार फरीदपुर थाने में 22 अगस्त 2026 को मुकदमा संख्या 629/26 के तहत धारा 2/3(1) गैंगस्टर एक्ट में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें मेवा शर्फापुर निवासी कासिम खां पुत्र गुल खां वांछित चल रहा था।
साठा पुलिया के पास घेराबंदी पुलिस के मुताबिक संदिग्ध
बाइक सवारों की सूचना मिलने पर फरीदपुर पुलिस टीम ने बीसलपुर रोड स्थित साठा पुलिया के पास घेराबंदी की।पुलिस का दावा है कि संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार इस दौरान कासिम खां के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए सीएचसी फरीदपुर पहुंचाया।
घायल आरोपी जिला अस्पताल रेफर
सीएचसी फरीदपुर में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने कासिम खां को जिला अस्पताल, बरेली रेफर कर दिया। पुलिस के मुताबिक उसकी निगरानी के लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
साथी जाहिद भी गिरफ्तार
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान कासिम के साथी जाहिद अली खां,निवासी मेवा शर्फापुर को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक जाहिद के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, जिसकी नाल में कारतूस फंसा हुआ था, एक जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई।वहीं, पुलिस के अनुसार घायल कासिम के कब्जे से भी 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है।
बरामदगी के आधार पर मुकदमा दर्ज
पुलिस का कहना है कि बरामदगी के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मुठभेड़, फायरिंग और बरामदगी से जुड़े आरोप पुलिस के आधिकारिक दावे पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
