गोविंद नगर विधायक ने अपनी गलती मानी, 1000 रुपये का जुर्माना भरा; बोले- जनप्रतिनिधि होने का मतलब नियमों से छूट मिलना नहीं
कानपुर: गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी का बिना हेलमेट बाइक चलाने पर यातायात पुलिस ने चालान किया है। कार्रवाई के बाद विधायक ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनके पास हेलमेट था, लेकिन यात्रा के दौरान उसे पहनना भूल गए थे। उन्होंने इसे अपनी गलती माना और पुलिस की कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई। विधायक ने 1000 रुपये का जुर्माना भी जमा कर दिया है।
विधायक बोले- हेलमेट था, पहनना भूल गया
सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि उनके पास हेलमेट मौजूद था, लेकिन यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए बाइक चलाते समय वह हेलमेट पहनना भूल गए। उन्होंने इसे अपनी गलती बताते हुए कहा कि यातायात पुलिस ने नियम के मुताबिक कार्रवाई की है। विधायक के मुताबिक, चालान होने के बाद उन्होंने निर्धारित 1000 रुपये का जुर्माना जमा कर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
‘कानून सभी के लिए बराबर’
चालान को लेकर विधायक ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुशासित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए। सुरेंद्र मैथानी ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधि होने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें यातायात नियमों से कोई छूट मिले। जिस तरह आम नागरिक के नियम तोड़ने पर चालान होता है, उसी तरह उनका भी चालान हुआ है। उन्होंने आगे बिना हेलमेट बाइक नहीं चलाने की बात कही।
रैली में कई बाइक सवार बिना हेलमेट दिखे
विधायक के चालान के बीच रैली की तस्वीरों और वीडियो में कई अन्य बाइक सवार भी बिना हेलमेट नजर आए। इसके बाद मामला सिर्फ विधायक के चालान तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों के साथ निकली राजनीतिक यात्रा में यातायात नियमों के पालन को लेकर आयोजकों की ओर से क्या व्यवस्था की गई थी। यात्रा को देखते हुए यातायात पुलिस ने पहले से फूलबाग क्षेत्र में डायवर्जन भी लागू किया था। इससे साफ है कि पुलिस की ओर से आयोजन के दौरान यातायात प्रबंधन की तैयारी की गई थी।
अब बाकी बिना हेलमेट बाइक सवारों पर नजर
विधायक का चालान होने के बाद अब निगाह इस बात पर है कि रैली के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाते दिखाई दिए अन्य लोगों के खिलाफ भी यातायात पुलिस कार्रवाई करती है या नहीं।अगर यातायात नियम सभी के लिए समान हैं तो कार्रवाई का दायरा भी उसी आधार पर तय किए जाने की उम्मीद है। रैली के दौरान नियम तोड़ने वाले अन्य बाइक सवारों की पहचान होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
विधायक के चालान और उसके सार्वजनिक होने को लेकर विपक्ष की ओर से भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। कुछ नेताओं ने चालान की कार्रवाई और उसे सार्वजनिक किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, विधायक का पक्ष स्पष्ट है कि उनसे गलती हुई थी, इसलिए पुलिस ने चालान किया और उन्होंने जुर्माना जमा कर दिया।
जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई के बाद उठी बड़ी चर्चा
पूरे मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि राजनीतिक रैली के दौरान यातायात नियमों के पालन का मुद्दा सामने आया और कार्रवाई सीधे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर हुई। विधायक ने खुद नियम तोड़ने की बात स्वीकार करते हुए जुर्माना भर दिया है। अब चर्चा इस बात पर है कि रैली में बिना हेलमेट दिखाई देने वाले अन्य बाइक सवारों के खिलाफ भी यातायात पुलिस इसी तरह कार्रवाई करती है या नहीं।
