फतेहगंज पश्चिमी और सीबीगंज में ओलावृष्टि से बढ़ी ठंडक, 8 और 9 अक्टूबर को बारिश या गरज के साथ बौछारों का अनुमान
बरेली: बुधवार शाम बरेली में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब साढ़े सात बजे कई इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके साथ ही फतेहगंज पश्चिमी, सीबीगंज समेत कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की जानकारी सामने आई। बारिश और ओलावृष्टि के चलते शाम के समय मौसम में बदलाव देखने को मिला। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में ओलावृष्टि कितनी देर तक हुई और इसकी तीव्रता कितनी रही, इसका विस्तृत आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। इसी तरह ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की बात सामने आई है। मकानों या अन्य संपत्ति को नुकसान होने की कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अगले दो दिन भी बारिश के आसार
बुधवार शाम हुई बूंदाबांदी के बाद अब अगले दो दिनों के मौसम पर नजर है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 8 और 9 अक्टूबर को बरेली में आंशिक बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे शहर में लगातार या एक साथ बारिश होगी। अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का असर अलग रह सकता है और बारिश की अवधि तथा तीव्रता भी अलग-अलग हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में बरेली का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बारिश के बाद तापमान में कितनी गिरावट?
बुधवार शाम बूंदाबांदी और ओलावृष्टि के बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई, लेकिन तापमान में वास्तविक कितनी गिरावट हुई, इसका आकलन ताजा दर्ज आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा। इसलिए फिलहाल संभावित तापमान को बारिश के बाद का वास्तविक तापमान नहीं माना जा सकता।
10 अक्टूबर से मौसम में बदलाव के संकेत
पूर्वानुमान के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को आंशिक बादल रह सकते हैं, जबकि 12 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। फिलहाल बरेली में बुधवार शाम बदले मौसम के बाद अगले दो दिन महत्वपूर्ण हैं। शहर के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और ओलावृष्टि हुई है, जबकि 8 और 9 अक्टूबर को भी बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना बनी हुई है। हालांकि, ओलावृष्टि से फसल या संपत्ति को नुकसान, जलभराव,यातायात बाधित होने अथवा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की कोई पुष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर स्थिति बदलने पर इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है।
