फर्जी कागजात के आधार पर बनाते थे पासपोर्ट, मुरादाबाद और फरीदाबाद के दो आरोपी गिरफ्तार; बरेली का एक आरोपी पहले से जेल में
मुरादाबाद: मुरादाबाद पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले एक गैंग का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने गैंग के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गैंग के सदस्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों के पासपोर्ट बनवाने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
मुरादाबाद और फरीदाबाद के आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के रहने वाले मेहफूज और फरीदाबाद निवासी आकाश को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि फर्जी पासपोर्ट बनाने के इस नेटवर्क की गतिविधियां एक से अधिक राज्यों तक फैली हुई थीं।
फर्जी कागजात के आधार पर बनवाते थे पासपोर्ट
जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोगों के पासपोर्ट बनवाने का काम करते थे। हाल ही में फरीदाबाद निवासी आकाश, मेहफूज के संपर्क में था और रवि नाम के व्यक्ति का पासपोर्ट बनवाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाए गए हैं।
मेहफूज पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के अनुसार, आरोपी मेहफूज के खिलाफ पहले से नौ मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में दिल्ली में जेल भी जा चुका है। इसके अलावा हरियाणा में दर्ज दो मुकदमों में भी उसके वांछित होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इस गैंग से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है।
बरेली का आरोपी पहले से जेल में
पुलिस के मुताबिक, गैंग का एक अन्य आरोपी मुकेश बरेली का रहने वाला है और फिलहाल जेल में बंद है। आरोप है कि मुकेश टेलीग्राम चैनल के माध्यम से लोगों से संपर्क करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि टेलीग्राम के जरिए कितने लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया था और फर्जी पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में उसकी क्या भूमिका थी।
आधार, पैन और जन्म प्रमाणपत्र समेत फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली के बिल, जन्म प्रमाणपत्र और फर्जी लेटर पैड शामिल हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें किस तरह तैयार किया जाता था और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए इनका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए हैं और वे लोग देश के किन-किन हिस्सों में हैं।
पुलिस आरोपियों के संपर्क, दस्तावेजों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
