शहर के सुभाषनगर क्षेत्र में जजमानी मांगने को लेकर विवाद का आरोप, एक पक्ष ने जान-माल की सुरक्षा मांगी, दूसरे ने 20-25 लोगों पर घेरकर धमकाने का लगाया आरोप
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में जजमानी और नेग मांगने को लेकर किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच विवाद सामने आया है। सुभाषनगर थाना क्षेत्र में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। एक पक्ष की पूनम किन्नर ने अपने चेलों के साथ जान-माल का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। वहीं दूसरे पक्ष की रजनी किन्नर ने करीब 20-25 लोगों पर घेराबंदी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
जजमानी क्षेत्र को लेकर विवाद
पूनम किन्नर की ओर से पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक उनके साथ पिंकी, नंदनी, सिमी, तानिया, इशिका, सिमरन, रागिनी और पल्लवी किन्नर बतौर चेले रहती हैं।शिकायत में दावा किया गया है कि सुभाषनगर, मढ़ीनाथ जंक्शन रोड, सिविल लाइंस, साहूकारा और कोहाड़ापीर समेत आसपास के इलाके उनकी जजमानी में आते हैं। पूनम पक्ष ने रजनी, टीना किन्नर के अलावा पप्पू, सोनू और गुड्डू समेत कुछ अन्य लोगों से खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दूसरे पक्ष ने लगाया घेराबंदी का आरोप
दूसरी ओर गढ़ी चौकी मुरावपुरा निवासी रजनी किन्नर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह करीब 26 वर्षों से संबंधित क्षेत्रों में नेग मांगने का काम कर रही हैं। रजनी का आरोप है कि अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे पूनम के साथ पिंकी उर्फ टिंकू, रागिनी और पल्लवी समेत करीब 20-25 लोगों ने करगैना चौकी और बाजपेई ढाल के पास उन्हें घेर लिया। शिकायत के अनुसार इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और नेग मांगने को लेकर जान से मारने की धमकी दी गई। रजनी पक्ष ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य गुरु के आने तक बधाई मांगने पर रोक का दावा
पूनम पक्ष की शिकायत के मुताबिक मुख्य गुरु मनीषा किन्नर के आने तक रजनी किन्नर को संबंधित क्षेत्र में बधाई नहीं मांगने की बात कही गई है। इससे साफ है कि विवाद का मुख्य केंद्र जजमानी और संबंधित इलाकों में नेग मांगने को लेकर अधिकार का दावा है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी स्थिति
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
