वाहन प्रवेश रोकने के विरोध में शिक्षकों का धरना, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने प्राचार्य और DM से फोन पर की बात, मंगलवार को फिर धरने की चेतावनी
बरेली : बरेली कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों के कॉलेज परिसर में प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को वाहन प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्राचार्य कार्यालय के सामने धरना दिया। मामले की जानकारी मिलने पर सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल भी धरने में पहुंच गए और शिक्षकों के साथ दरी पर बैठकर उनकी समस्या सुनी।
धरने में पहुंचे सांसद और कैंट विधायक
सोमवार को बरेली कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों के प्रवेश का मुद्दा गरमाया रहा। शिक्षक और कर्मचारी वाहन प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर प्राचार्य कार्यालय के सामने धरने पर बैठे थे। इसी दौरान सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल धरना स्थल पर पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों और कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। शिक्षकों ने बताया कि कॉलेज परिसर में उनके वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद सांसद ने मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो.ओमप्रकाश राय से फोन पर बातचीत की।
प्राचार्य से सांसद की फोन पर बातचीत
सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने फोन पर प्राचार्य से बात की। प्राचार्य ने बताया कि वह इस समय एटा में हैं। बातचीत के दौरान वाहन प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर सांसद ने सवाल किया कि शिक्षकों और कर्मचारियों को इस तरह परेशानी क्यों हो रही है। प्राचार्य की ओर से बताया गया कि कॉलेज परिसर में वाहनों के प्रवेश पर रोक प्रबंध समिति के सचिव देवमूर्ति के आदेश के तहत लागू की गई है। इस पर सांसद ने वाहन प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल वापस लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को कॉलेज परिसर में अपने वाहनों के प्रवेश को लेकर इस तरह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
DM से भी सांसद ने की बात
इस मामले को लेकर सांसद ने डीएम अविनाश सिंह से भी फोन पर बातचीत की। जिलाधिकारी बरेली कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष हैं। सांसद ने डीएम से कहा कि वह इस मामले में स्पष्ट निर्णय लें, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों के कॉलेज परिसर में प्रवेश को लेकर बनी स्थिति का समाधान हो सके।
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने भी शिक्षकों की समस्या के समाधान की बात कही और धरने का समर्थन किया।
सोमवार का धरना समाप्त, मंगलवार को फिर बैठने की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद सोमवार का धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, शिक्षक संघ के सचिव प्रो. वीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि शाम तक वाहन प्रवेश को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है तो मंगलवार को फिर से प्राचार्य कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। यानी फिलहाल विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और मंगलवार को एक बार फिर बरेली कॉलेज में शिक्षक-कर्मचारियों के वाहन प्रवेश का मुद्दा गरमा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
बरेली कॉलेज में विवाद का केंद्र शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों का कॉलेज परिसर में प्रवेश है। वाहन प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद शिक्षकों ने इसका विरोध शुरू किया और प्राचार्य कार्यालय के सामने धरना दिया। मामला उस समय और महत्वपूर्ण हो गया, जब स्थानीय सांसद और कैंट विधायक स्वयं धरना स्थल पर पहुंच गए। सांसद की ओर से प्राचार्य और डीएम से फोन पर बातचीत किए जाने के बाद अब निगाह इस बात पर है कि कॉलेज प्रबंधन और जिला प्रशासन इस विवाद का क्या समाधान निकालते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सोमवार को धरना समाप्त हो गया, लेकिन शिक्षक संघ ने मंगलवार को दोबारा धरना देने की चेतावनी दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बरेली कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहन प्रवेश को लेकर मंगलवार को कोई ठोस फैसला होता है या विवाद आगे भी जारी रहता है।
