2 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की हार्ट अटैक से मौत, फोरम ने पुलिस में शिकायत देकर आयोजक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
मुंबई: शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद विवाद बढ़ गया है। शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दी है। हालांकि, पुलिस के अनुसार बुजुर्ग की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई और इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की गई है।
प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
मृतक की पहचान गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई के रूप में हुई है, जो ठाणे के डोस्टी वेस्ट काउंटी में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, वह शाम करीब 4:30 बजे शिवाजी पार्क में सीजेपी के प्रदर्शन को देखने पहुंचे थे। करीब 5 बजे गेट नंबर छह की ओर जाते समय उन्हें बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत हुई। मौके पर मौजूद एक चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उनके दोस्त और पुलिसकर्मी उन्हें सुश्रुषा अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।
पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की
पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की और सीपीआर भी दिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की है। परिजनों की ओर से कोई आपत्ति नहीं होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
अभिजीत दिपके के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
बुजुर्ग की मौत के बाद शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम ने पुलिस से सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। फोरम ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है। स्थानीय निवासी प्रदर्शन के आयोजन और अनुमति को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, हत्या का मामला दर्ज करने की मांग फिलहाल शिकायत और आरोप के स्तर पर है। पुलिस द्वारा बुजुर्ग की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
400-500 अज्ञात लोगों समेत आयोजकों पर एफआईआर
मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों और करीब 400 से 500 अज्ञात समर्थकों व प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, शिवाजी पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 और 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) और 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अनुमति संबंधी नियमों और कानून-व्यवस्था से जुड़े उल्लंघनों को लेकर की गई है।
प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी विवाद
स्थानीय निवासी और अधिवक्ता सिद्धि देओलेकर ने इससे पहले शिवाजी पार्क थाने में अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका, सौरव दास और रत्ना सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा गया और बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र किया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिवाजी पार्क में इस तरह के आयोजन को लेकर पहले ही अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ था प्रदर्शन
2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन का मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर था। सीजेपी की ओर से चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध दर्ज कराया गया था। पुलिस ने पहले ही प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था, जिसके बाद सीजेपी ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया था।
बुजुर्ग की मौत और प्रदर्शन को लेकर जांच जारी
एक ओर स्थानीय फोरम अभिजीत दिपके के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस ने प्रदर्शन आयोजकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग प्राथमिकी दर्ज की है। बुजुर्ग की मौत के मामले में पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तत्काल कारण हार्ट अटैक बताया गया है। अब शिकायतों, प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से संबंधित आरोपों पर पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। हत्या का आरोप या आयोजकों की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी।
