लखनऊ में लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस,महंगाई,बेरोजगारी, भ्रष्टाचार,स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह में शिरकत की। इसके बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उनके कई बयानों में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए।
लोकतंत्र सेनानियों के लिए 51 हजार सम्मान राशि का ऐलान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों की मासिक सम्मान राशि 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की जाएगी।उन्होंने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा देने तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान सम्मान, बस और ट्रेन में मुफ्त यात्रा समेत अन्य सुझावों को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के अनुभव और सुझावों को सरकार बनने पर लागू किया जाएगा।अखिलेश यादव ने इस दौरान भाजपा सरकार के मौजूदा दौर को अपने शब्दों में ‘भाजपाई इमरजेंसी’ बताया और कहा कि PDA के साथ अन्याय को वे आपातकाल जैसी स्थिति मानते हैं।
‘एक कचौड़ी, दो समोसा… भाजपा पर नहीं भरोसा’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा-‘एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा।’ उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने डिप्टी सीएम को लेकर ‘ई-रिक्शा बुक कर लेना चाहिए’ वाला बयान दिया और अस्पतालों की स्थिति पर टिप्पणी की।
अस्पताल में प्रसव से जुड़े मामले पर भी सियासी हमला
भदोही में एक गर्भवती महिला के जिला अस्पताल के बाहर प्रसव होने का मामला भी गुरुवार को सामने आया। परिवार ने आरोप लगाया कि महिला को मुसहर समुदाय से होने के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इस मामले में जिला प्रशासन के निर्देश पर जांच हुई और स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही के लिए कार्रवाई की है। रिपोर्टों के मुताबिक एक डॉक्टर की सेवा समाप्त करने, स्टाफ नर्स का तबादला करने और अन्य चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। अखिलेश यादव ने इसी मामले को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट में स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार पर सवाल उठाए तथा इसे जातिगत भेदभाव से जोड़कर गंभीर आरोप लगाए।हालांकि, जाति के आधार पर इलाज से इनकार किए जाने का आरोप परिवार और राजनीतिक दलों की ओर से लगाया गया है, जबकि आधिकारिक जांच में गंभीर लापरवाही की पुष्टि और कार्रवाई की बात सामने आई है।
भ्रष्टाचार-विकास कार्यों पर पूछा सवाल

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में विकास के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे में गड्ढों और निर्माण लागत का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने बिजली व्यवस्था को लेकर भी दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में नई बिजली उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ी। इन दावों के साथ उन्होंने अपनी सरकार के दौरान शुरू की गई योजनाओं-लैपटॉप वितरण, आईटी सिटी और डायल-100 का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में तकनीक को जोड़कर किसानों, गरीबों और युवाओं के लिए काम किया जाएगा।
चुनाव आयोग-पुलिस व्यवस्था पर भी साधा निशाना
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनावों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने रामपुर, मीरापुर, कुंदरकी, बीकापुर और कटेहरी के उपचुनावों में कथित धांधली और वोट काटे जाने के आरोप लगाए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आम लोगों के साथ-साथ साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं।
2027 चुनाव को लेकर अखिलेश का दावा
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चुनाव में चाहे कितना भी ‘मैनेजमेंट’ करे, समाजवादी पार्टी उसे हरा देगी। यह उनका राजनीतिक दावा है, चुनाव परिणाम का स्वतंत्र पूर्वानुमान नहीं। उन्होंने PDA और नई पीढ़ी को लेकर भी सपा के साथ जुड़ने की अपील की। इस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कई तंज और नारे भी दिए, जिनमें ‘एक कचौड़ी, दो समोसा’ और ‘डिप्टी सीएम को ई-रिक्शा बुक कर लेना चाहिए’ जैसे बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चा में प्रमुख रहे।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
