गांधी उद्यान के सामने बनेगा गौतम बुद्ध चौक, भव्य प्रतिमा और फोकस वॉल से संवरेगा क्षेत्र, लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर सात थीम पार्क, ग्रीन कॉरिडोर और वेलनेस जोन के साथ विकसित होगी सप्तनाथ इको सिटी
बरेली : यूपी के बरेली की पहचान ‘नाथ नगरी’ को आधुनिक सुविधाओं, हरियाली, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में बड़े शहरी विकास प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। नाथ कॉरिडोर के तहत जहां महात्मा गांधी उद्यान के सामने ‘गौतम बुद्ध चौक’ विकसित करने की तैयारी है। वहीं लखनऊ -दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 267 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ‘सप्तनाथ इको सिटी’ विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। दोनों परियोजनाओं में शहर के सौंदर्यीकरण के साथ यातायात व्यवस्था, हरित क्षेत्र, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी जा रही है।
गांधी उद्यान के सामने बनेगा ‘गौतम बुद्ध चौक’
नाथ कॉरिडोर के तहत महात्मा गांधी उद्यान के सामने स्थित गौतम बुद्ध पार्क के निकट चौराहे के पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। योजना के अनुसार चौराहे का समग्र पुनर्विकास करते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि आवागमन सुगम हो सके। इसके साथ ही यहां भगवान गौतम बुद्ध की भव्य प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव है। प्रतिमा की स्थापना के बाद इस स्थान को ‘गौतम बुद्ध चौक’ के रूप में विकसित किया जाएगा। महात्मा गांधी उद्यान में नाथ नगरी की सांस्कृतिक विरासत और नाथ कॉरिडोर की थीम को प्रदर्शित करने वाली फोकस वॉल विकसित करने की भी योजना है। इससे क्षेत्र को एक अलग दृश्य पहचान मिलने की उम्मीद है।
गौतम बुद्ध पार्क समिति ने किया प्रस्ताव का स्वागत
प्रस्तावित योजना को लेकर गौतम बुद्ध पार्क समन्वय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय से मुलाकात की। समिति ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने, चौराहे के पुनर्विकास और उसका नाम ‘गौतम बुद्ध चौक’ रखने के प्रस्ताव का स्वागत किया। समिति की ओर से पार्क के विकास के लिए स्तूपाकार प्रवेश द्वार बनाने और गौतम बुद्ध मार्ग पर भगवान बुद्ध के धम्म उपदेशों को प्रदर्शित करने के सुझाव भी दिए गए। बीडीए की ओर से समिति के सुझावों को विकास प्रक्रिया में उचित स्थान देने की बात कही गई है।
अब 267 हेक्टेयर में आकार लेगी ‘सप्तनाथ इको सिटी’
नाथ कॉरिडोर के साथ बरेली के शहरी विस्तार को नई दिशा देने वाली एक अन्य बड़ी परियोजना ‘सप्तनाथ इको सिटी’ है।मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 267 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इस वृहद टाउनशिप की योजना बनाई जा रही है। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसकी थीम बरेली की सात नाथ मंदिरों की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। योजना में सात नाथ मंदिरों की अवधारणा के आधार पर सात थीम पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है।
ग्रीन कॉरिडोर से वॉकवे तक कई सुविधाएं
‘सप्तनाथ इको सिटी’ में आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ पर्यावरण को भी प्राथमिकता देने की योजना है। प्रस्तावित सुविधाओं में-सात थीम पार्क, आकर्षक नहर फ्रंट डेवलपमेंट,ग्रीन कॉरिडोर वॉकवे, आध्यात्मिक एवं वेलनेस जोन, मिनी गोल्फ कोर्स,बड़े ओपन स्पेस,लैंडस्केपिंग और हरित क्षेत्र शामिल हैं। इस तरह टाउनशिप को आधुनिक सुविधाओं के साथ हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
त्रिनेत्र और त्रिशूल वाला होगा भव्य प्रवेश द्वार

‘सप्तनाथ इको सिटी’ के प्रवेश द्वार को भी नाथ नगरी की धार्मिक पहचान से जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित डिजाइन में भगवान शिव के त्रिनेत्र और त्रिशूल का विशिष्ट समागम दिखाई देगा। प्रवेश द्वार की यह थीम टाउनशिप में प्रवेश करते ही बरेली की नाथ परंपरा और आध्यात्मिक विरासत की झलक देने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।
मंडलायुक्त ने दिए सुझाव, डिजाइन को अंतिम रूप देने की तैयारी
सप्तनाथ इको सिटी की प्रस्तावित प्लानिंग और डिजाइन अवधारणा का प्रस्तुतीकरण मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार के समक्ष किया गया। उन्होंने परियोजना में नाथ नगरी की विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने की अवधारणा की सराहना करते हुए आवश्यक सुझाव और दिशा-निर्देश दिए। इन सुझावों को शामिल करते हुए परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।
RERA पंजीकरण के बाद ही आम जनता के लिए खुलेगी परियोजना
बीडीए के अनुसार ‘सप्तनाथ इको सिटी’ फिलहाल प्लानिंग और डिजाइन चरण में है। परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और अन्य नियमानुसार प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद RERA पंजीकरण कराया जाएगा। RERA पंजीकरण के बाद ही परियोजना को नियमानुसार आम जनता के लिए खोला जाएगा। यानी फिलहाल यह परियोजना प्रस्तावित और विकास की योजना के चरण में है।
नाथ नगरी की विरासत और आधुनिक विकास का संगम
बीडीए की दोनों योजनाओं में बरेली की पहचान को आधुनिक शहर के विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है। एक ओर गौतम बुद्ध चौक के जरिए शहर के प्रमुख हिस्से का सौंदर्यीकरण और यातायात सुधारने की योजना है, वहीं दूसरी ओर सप्तनाथ इको सिटी के जरिए बड़े भू-भाग पर हरित, आधुनिक और थीम आधारित टाउनशिप विकसित करने की परिकल्पना की गई है। हालांकि, दोनों परियोजनाओं के प्रस्तावित स्वरूप को धरातल पर उतारने के लिए अभी आवश्यक स्वीकृतियों और नियमानुसार प्रक्रियाओं को पूरा किया जाना बाकी है।
