सपा प्रमुख ने कृष्ण जन्माष्टमी पर भी दिया संदेश,पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक और जातिगत विभाजन का आरोप, किसान-मजदूर से लेकर कारोबारी-और युवाओं तक के उठाए मुद्दे, छुट्टा पशुओं के मुद्दे पर भी BJP सरकार पर तंज
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिकता और जातिगत विभाजन पैदा किया गया। इसका असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, खेती -किसानी, उद्योग, हस्तशिल्प और रोजगार पर पड़ा है। अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश कभी अपनी खेती, उद्योग, हैंडीक्राफ्ट और एक्सपोर्ट के लिए जाना जाता था, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों से इन क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में भर्ती नहीं हो रही, खेलों को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिल रहा और शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
किसान-छोटे कारोबारियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में किसानों पर अत्याचार हो रहा है और उनकी खेती की जमीन छीनने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जीएसटी को लेकर भी छोटे व्यापारियों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे छोटे कारोबारियों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने खिलाड़ियों के सम्मान और रोजगार के अवसरों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा, महिला, खिलाड़ी, कलाकार और कारोबारी वर्ग अब सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है।
मुरादाबाद समेत पश्चिमी यूपी के उद्योग और हस्तशिल्प का मुद्दा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अमेरिकी व्यापार समझौते और टैरिफ बढ़ने को लेकर भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उद्योगों पर असर का दावा किया। उन्होंने विशेष रूप से मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर और मेरठ समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टैरिफ बढ़ने का असर इन क्षेत्रों के कारखानों और हस्तशिल्प कारोबार पर पड़ा है। मुरादाबाद के हैंडीक्राफ्ट और एक्सपोर्ट उद्योग को लेकर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि क्षेत्र के कारीगरों और निर्यातकों के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं।
शिक्षा और रोजगार को लेकर भी हमला
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने स्कूलों और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी सरकार पर साजिश का आरोप लगाया। इसके साथ ही महिलाओं को लेकर कहा कि उन्हें डराकर घर बैठाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश यादव ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दस्तकारी और हस्तकारी को जानबूझकर खत्म किए जाने का भी आरोप लगाया।
2027 चुनाव को लेकर अखिलेश का बड़ा दावा
उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा और उसके सहयोगियों को 2027 के विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिल सकते हैं।।उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 वर्षों में कथित उत्पीड़न, उपेक्षा और अत्याचार से किसान, मजदूर-श्रमिक, हस्तकार, युवा, महिलाएं, खिलाड़ी, कलाकार, दुकानदार, व्यापारी, एक्सपोर्टर और उद्योगपति जागरूक हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग किसी के बहकावे में नहीं आएंगे।
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को किया याद
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अखिलेश यादव ने देशवासियों को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म के साथ न्याय के लिए खड़े होकर अन्याय के खिलाफ संघर्ष का उदाहरण प्रस्तुत किया। सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में लोकभावना सर्वोपरि थी और उन्होंने गीता के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होंने श्रीकृष्ण की सोच, कर्म और व्यक्तित्व को अलौकिक बताते हुए उनके संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया।
ट्वीट्स के जरिए भी भाजपा पर निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर कटाक्ष किया। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सत्ता का संरक्षण मिलने के कारण कुछ लोगों में अहंकार है, लेकिन बदलाव की दस्तक आने का दावा किया। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार अपनी कथित ‘युद्ध-कला’ पर टिकट लगा दे तो एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में देर नहीं लगेगी।
छुट्टा पशुओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा
एसपी चीफ ने छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में तंज करते हुए पूछा कि छुट्टा पशुओं से छुटकारे का वादा ‘14 दिनों’ में किया गया था या ‘14 साल’ में। उन्होंने इसके जरिए सरकार के पुराने दावों पर सवाल उठाया और कहा कि जनता अब ऐसी स्थिति देखने और सहने के मूड में नहीं है।अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान, मजदूर, युवा, व्यापारी, कारीगर और उद्योग से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की तैयारी तेज कर दी है।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
