मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत हिमकरपुर चमरौआ में घंटों चली तलाशी, दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल, गंगवार रह चुके हैं KPSC के परीक्षा नियंत्रक
बरेली/बेंगलुरु: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच की आंच अब उत्तर प्रदेश के बरेली तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार सुबह 2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के नवाबगंज क्षेत्र स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी की।हिमकरपुर चमरौआ गांव स्थित घर पर पहुंची ED की टीम ने सुबह से देर रात तक तलाशी और दस्तावेजों की पड़ताल की।स्थानीय जानकारी के मुताबिक ED की टीम ने घर में मौजूद परिजनों से भी पूछताछ की और कई दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच की। देर रात तलाशी पूरी करने के बाद टीम वहां से रवाना हो गई। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद या जब्त किया गया। इस संबंध में ED की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
KPSC भर्ती जांच से जुड़ा है पूरा मामला
ED की यह कार्रवाई कर्नाटक लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच हुई है। जांच में KPSC की एक भर्ती परीक्षा, विशेष रूप से पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती से जुड़े कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। ED इससे पहले भी इस मामले में कर्नाटक में कई स्थानों पर तलाशी ले चुकी है। जांच एजेंसी की कार्रवाई में KPSC से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के परिसरों को शामिल किया गया था।हालांकि, अभी तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि IAS ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार किसी अपराध में दोषी साबित हो चुके हैं। उनके घर पर ED की तलाशी को जांच का हिस्सा माना जा रहा है और उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बरेली के पैतृक घर में घंटों चली तलाशी
नवाबगंज थाना क्षेत्र के हिमकरपुर चमरौआ गांव में रविवार को ED की टीम पहुंचने के बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई। टीम ने घर के अंदर दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य संबंधित सामग्री की जांच की।तलाशी के दौरान परिवार के सदस्यों से भी जानकारी ली गई। बताया जा रहा है कि जांच कई घंटे तक चली और देर रात ED की टीम वापस रवाना हुई। कुछ स्थानीय जानकारियों में टीम द्वारा महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले जाने की बात कही जा रही है, लेकिन जब तक ED इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं करती,तब तक बरामदगी या जब्ती की पूरी जानकारी को पुष्ट तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
KPSC के परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं गंगवार
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार 2016 बैच के कर्नाटक कैडर के IAS।अधिकारी हैं। वह कर्नाटक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह कर्नाटक लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसी वर्ष मार्च में उन्हें KPSC से हटाकर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में भेजा गया था। KPSC में परीक्षा नियंत्रक की पूर्व भूमिका के कारण भर्ती परीक्षा से जुड़ी जांच में गंगवार का नाम सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उनकी पूर्व प्रशासनिक भूमिका और मौजूदा ED जांच के बीच क्या सीधा संबंध है, इस बारे में एजेंसी की ओर से अभी कोई विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
एक दिन पहले गंगवार के ‘लापता’ होने की चर्चा
ED की कार्रवाई से एक दिन पहले IAS ज्ञानेंद्र गंगवार को लेकर कर्नाटक में उस समय चर्चा तेज हो गई थी, जब उनके कुछ समय से संपर्क में नहीं होने की खबर सामने आई थी। उनकी आखिरी लोकेशन बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जुड़ी बताई गई थी। हालांकि, बाद में कर्नाटक सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि गंगवार लापता नहीं हैं। बताया गया कि वह अपने पिता की तबीयत से जुड़ी पारिवारिक आपात स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक स्थान गए थे। उनके छुट्टी पर होने की जानकारी भी सामने आई थी।
अब ED की कार्रवाई पर सबकी नजर
रविवार को बेंगलुरु के साथ बरेली स्थित पैतृक आवास पर हुई तलाशी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। खास तौर पर यह महत्वपूर्ण होगा कि ED अपनी जांच में गंगवार से जुड़े किन दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड या अन्य सामग्री को जांच के दायरे में लेती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि KPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में IAS ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से जुड़े परिसरों पर ED ने तलाशी ली है। बरेली के पैतृक घर पर घंटों चली कार्रवाई के बाद टीम देर रात लौट गई। ED की ओर से आधिकारिक रूप से बरामदगी, जब्ती या गंगवार की किसी कथित भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
