जयपुर में सरकारी स्कूल की जांच करने पहुंची सीजेपी टीम का विरोध, ग्रामीणों से झड़प और मारपीट का आरोप
बगरू में स्कूल निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने टीम को गांव से बाहर निकाला, कपड़े फाड़ने और मोबाइल तोड़ने का आरोप; जर्जर स्कूल भवन को लेकर भी उठे सवाल
जयपुर: बगरू क्षेत्र में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की, उनकी शर्ट फाड़ दी और मोबाइल फोन तोड़ दिया। उन्होंने टीम के वाहनों के शीशे तोड़े जाने का भी दावा किया है। घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और वाहनों के पास हंगामा होता दिखाई दे रहा है।
स्कूल जांच करने पहुंची थी सीजेपी की टीम
सीजेपी की टीम जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का दौरा करने पहुंची थी। इनमें रामपुरा कंवरपुरा और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल शामिल था। पार्टी के मुताबिक, टीम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और भवनों की स्थिति का जायजा लेना था। इसी दौरान बगरू क्षेत्र में टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया बाहरी व्यक्ति
सीजेपी कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचने पर ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कथित तौर पर धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल को वे अपने स्तर पर ठीक करा लेंगे। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि सरकार की ओर से स्कूल के लिए 12.50 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को बाहरी व्यक्ति बताते हुए विरोध किया और उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया।
मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने शर्ट फाड़ने और मोबाइल फोन तोड़ने का दावा किया। इसके अलावा टीम के वाहनों के शीशे तोड़े जाने का भी आरोप लगाया गया है। वायरल वीडियो में कुछ ग्रामीण सीजेपी कार्यकर्ताओं को खदेड़ते हुए और वाहनों के आसपास हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं। एक कार्यकर्ता के पीछे छूट जाने के बाद उसके साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
जर्जर स्कूल भवन को लेकर उठे सवाल
सीजेपी की ओर से रामपुरा कंवरपुरा के प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया है। पार्टी का दावा है कि स्कूल की मुख्य इमारत जर्जर हो चुकी है और उसकी छत की पट्टियां टूट गई हैं। सुरक्षा के लिए नीचे से लोहे के कोण लगाकर उन्हें सहारा दिया गया है। जर्जर भवन के कारण स्कूल को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि वहां बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। आसपास पशुओं का चारा रखा होने और दीवार की ईंटें गिरी होने की बात भी सामने आई है।
स्कूलों में प्रवेश को लेकर पहले भी विवाद
पिछले दिनों सीजेपी की ओर से सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मीडिया और आम लोगों के बिना वजह प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इस फैसले पर सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को सामने आने से रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की स्थिति में सुधार होने तक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
सचिन पायलट ने सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी सीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध का मुद्दा उठाते हुए राजस्थान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता, युवाओं और छात्रों में नाराजगी है और सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है। पायलट ने सरकारी स्कूलों में पत्रकारों के प्रवेश, तस्वीरें लेने और बिना अनुमति खबर प्रकाशित करने पर रोक संबंधी आदेश का भी विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने आने से रोकना चाहती है।
