वृंदावन में निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा, नेपाल और पश्चिम बंगाल के मजदूर मलबे में दबे; मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
मथुरा: थाना कोतवाली वृंदावन क्षेत्र में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन मॉल की सेटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय निर्माण कार्य में जुटे कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में नेपाल और पश्चिम बंगाल के रहने वाले तीन मजदूरों की दबने से मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है। घायल को बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया है।
अचानक भरभराकर गिरी सेटरिंग
बताया गया कि निर्माणाधीन मॉल में मजदूर सेटरिंग के नीचे निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक सेटरिंग का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। सेटरिंग गिरते ही वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया।
तीन मजदूरों की मौत, एक गंभीर घायल
रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे से मजदूरों को बाहर निकाला गया। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में नेपाल और पश्चिम बंगाल के रहने वाले मजदूर बताए जा रहे हैं। वहीं एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने लिया घटना का संज्ञान
निर्माणाधीन मॉल में हुए हादसे का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से कराने और घायल मजदूर को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री स्तर से भी घटना की जानकारी ली गई है। प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मलबा हटाने के काम की निगरानी की।
सुरक्षा मानकों की भी होगी जांच
पुलिस और प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, सेटरिंग की मजबूती कैसी थी और निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य पूरा कराया गया। हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल पर मौजूद रहे अधिकारी और प्रत्यक्षदर्शी
हादसे को लेकर पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों से जानकारी जुटाई गई है। मामले में एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार और परियोजना प्रबंधक राकेश जैन के बयान महत्वपूर्ण रहेंगे।
