बरेली : उत्तर प्रदेश के डेयरी सेक्टर में निवेश, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में ‘Dairy Conclave-स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल से जुड़े 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया सम्मेलन में दूध उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और बाजार तक पूरी डेयरी वैल्यू चेन मजबूत करने पर जोर दिया गया।
तीन मंडलों में 6,947 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि जीबीसी के तहत बरेली मंडल में 2,712 करोड़, मुरादाबाद में 2,085 करोड़ और लखनऊ मंडल में 2,150 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से करीब 11 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई गई। उन्होंने कहा कि नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल में करीब 2,200 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1,200 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि दी जा चुकी है। वहीं, दुग्ध नीति-2022 के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए इन मंडलों में 1,100 लाख रुपये की अनुदान राशि अवमुक्त की गई है।
धर्मपाल सिंह बोले- पूरी वैल्यू चेन मजबूत करना लक्ष्य

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल में कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की बड़ी संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि दुग्ध प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और डेयरी उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है।उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। मंत्री ने भरोसा जताया कि ये तीनों मंडल प्रदेश के प्रमुख डेयरी हब बनकर वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
स्वदेशी नस्ल और आधुनिक तकनीक पर जोर
अपर मुख्य सचिव पशुपालन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने स्वदेशी नस्ल के गोवंश के पालन और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, हरा चारा प्रबंधन, जैविक खेती और वर्मी कंपोस्ट से जुड़ी जानकारी दी। कार्यक्रम में वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों के गौपालकों और उद्यमियों को भी जोड़ा गया।
बरेली मंडल में डेयरी विकास की अपार संभावनाएं

मंडलायुक्त शम्भु कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है और डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि बरेली मंडल में दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, प्रसंस्करण और डेयरी उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं हैं। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल सम्मेलन नहीं, बल्कि पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने गांव-गांव दुग्ध विकास समितियां स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर ही दूध का बेहतर मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं गोवंश खरीदना चाहती हैं तो उन्हें ऋण के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
डेयरी कंपनियों और संस्थाओं ने लगाए स्टॉल

कार्यक्रम में नंद बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। बरेली डेयरी, आनन्दा डेयरी, वाडीलाल इंडस्ट्रीज, डेयरी क्राफ्ट और शगुन डेयरी समेत विभिन्न संस्थाओं ने डेयरी क्षेत्र में निवेश, नवाचार और आधुनिक तकनीक पर प्रस्तुतियां दीं। वहीं पराग, डेयरी इंडिया, शगुन डेयरी, वरीशा डेयरी प्रोडक्ट्स, प्रीमियर डेयरी, वाडीलाल, डेयरी क्राफ्ट, पशुपालन विभाग, आईवीआरआई, कान्हा मिल्क टेस्टिंग इक्विपमेंट्स, सिंह डिस्ट्रीब्यूटर्स, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया और टेरीस्टेरियल फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों, तकनीकों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., मंडलायुक्त शम्भु कुमार, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, प्रबंध निदेशक प्रकाश बिन्दु, विभागीय अधिकारी, आईवीआरआई के वैज्ञानिक, एनडीडीबी के प्रतिनिधि, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, उद्यमी और निवेशक मौजूद रहे।
