‘ई-20 दुधारी तलवार, जनता पर दोहरी मार’-महंगे पेट्रोल के साथ बढ़ रहा मेंटेनेंस का बोझ
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि ई-20 को लेकर सही कौन है-सरकार या उसके सलाहकार? अखिलेश ने कहा कि एक तरफ सरकार ई-20 पेट्रोल को सुरक्षित बता रही है, जबकि दूसरी तरफ मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कम इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने की जरूरत पर चिंता जताई है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ई-20 के प्रभाव को लेकर वाहन चालकों के बीच भी सवाल हैं। उन्होंने सरकार से आम लोगों से सीधे संवाद कर यह जानने की मांग की कि ई-20 पेट्रोल को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने इसे ‘दुधारी तलवार’ बताते हुए कहा कि जनता को महंगे पेट्रोल के साथ महंगे मेंटेनेंस का भी बोझ उठाना पड़ रहा है।
सरकार का दावा-ई-20 से व्यापक इंजन खराबी के प्रमाण नहीं
ई-20 पर अखिलेश के आरोपों के बीच केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष भी सामने आया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने जुलाई 2026 में जारी स्पष्टीकरण में कहा था कि ई-20 के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहनों के टूटने की कोई सत्यापित व्यापक घटना सामने नहीं आई है। सरकार के मुताबिक ई-19 से ई-20 मिश्रण का इस्तेमाल दो साल से अधिक समय से हो रहा है। सरकार ने यह भी कहा है कि ई-20 के इस्तेमाल को लेकर वाहन निर्माताओं, एआरएआई, एसआईएएम और अन्य तकनीकी संस्थानों के परीक्षणों में इंजन टिकाऊपन, ड्राइविंग, जंगरोधक क्षमता, सामग्री की अनुकूलता और ईंधन दक्षता जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया गया है। हालांकि, सरकारी दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि ई-20 के इस्तेमाल से ई-10 के लिए डिजाइन और ई-20 के लिए कैलिब्रेट किए गए वाहनों में ईंधन दक्षता पर मामूली असर पड़ सकता है।
ई-20 पर सरकार बनाम सलाहकार की बहस
यही विरोधाभास अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।अखिलेश यादव ने मुख्य आर्थिक सलाहकार की हालिया टिप्पणी को आधार बनाकर सरकार से सवाल किया है कि यदि ई-20 पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी चिंता के है, तो कम इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल की उपलब्धता पर सलाह क्यों सामने आ रही है। दूसरी ओर सरकार का आधिकारिक रुख है कि ई-20 को व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण और वास्तविक परिस्थितियों में इस्तेमाल के अनुभव के आधार पर सुरक्षित माना गया है।
सरकार खुद मिलावटखोरी कर रही-अखिलेश का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार दबाव बनाकर ई-20 पेट्रोल की बिक्री करवा रही है और इथेनॉल मिलाने की वजह से आम वाहन मालिकों को मेंटेनेंस तथा माइलेज की समस्या झेलनी पड़ रही है। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और सरकार ने ई-20 को लेकर व्यापक इंजन क्षति या असामान्य खराबी के दावों को आधिकारिक रूप से खारिज किया है।
PDA की मांग कराई जाए जातीय जनगणना,आबादी के हिसाब से मिले हक और सम्मान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को जातीय जनगणना, PDA की राजनीतिक भागीदारी और नई पीढ़ी की सोच को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश और PDA परिवार जातीय जनगणना चाहता है, ताकि सभी की गिनती हो और आबादी के अनुपात में हक व सम्मान मिल सके। अखिलेश यादव ने कहा कि PDA परिवार की भागीदारी बढ़नी चाहिए।गठबंधन में शामिल दलों को अधिक सीटें मिलनी चाहिए।क्योंकि उनके मुताबिक गठबंधन की मजबूत भूमिका से भाजपा को चुनावी चुनौती दी जा सकती है। नई पीढ़ी को लेकर अखिलेश ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जागरूक है और गलत को गलत कहने में संकोच नहीं करती। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचार का हवाला देते हुए कहा कि अगर बुराई खत्म करनी है तो बुरे को बुरा कहना पड़ेगा। उनके मुताबिक नई पीढ़ी यही काम कर रही है।
शिक्षा और ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर हमला
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार को शिक्षा, विश्वविद्यालयों और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईडी ने सपा नेता आजम खान और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े परिसरों पर धनशोधन जांच के सिलसिले में तलाशी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईडी ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य स्थानों पर कई परिसरों में तलाशी ली। अखिलेश ने आरोप लगाया कि शिक्षा और विश्वविद्यालय बनाने वालों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनके अनुसार भाजपा शासन में सामने आए कई कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे भाजपा की राजनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जिन मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप हैं, वहां ईडी की कार्रवाई क्यों नहीं होती। सपा प्रमुख ने अपने बयान में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले, कथित भ्रष्टाचार, एक्सप्रेसवे की बदहाली, सड़कों की स्थिति, पुलों और पानी की टंकियों की घटनाओं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तथा अवैध निर्माण जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने महाकुंभ में कथित वित्तीय अनियमितताओं और अधिकारियों से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया।
जातीय जनगणना और PDA की भागीदारी बढ़ाने की मांग
उन्होंने कहा कि देश और PDA परिवार जातीय जनगणना चाहता है, ताकि सभी की गिनती हो और आबादी के अनुपात में अधिकार तथा सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने गठबंधन की राजनीति पर भी जोर देते हुए कहा कि PDA परिवार की भागीदारी बढ़नी चाहिए और गठबंधन में शामिल दलों को अधिक सीटें मिलनी चाहिए।उनके मुताबिक गठबंधन के सहयोगी दलों की भूमिका मजबूत होने से भाजपा को चुनावी चुनौती दी जा सकती है।
शिक्षा के विरोध में भाजपा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा पर शिक्षा के विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी मुद्दे में साम्प्रदायिक कोण जुड़ जाए तो भाजपा उसके खिलाफ कुछ भी कर सकती है। उन्होंने शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के हितों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
