बरेली : यूपी के बरेली में एक और गंभीर अपराध में न्यायिक सफलता प्राप्त हुई है। वर्ष 2021 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पाक्सो कोर्ट ने मुख्य आरोपी साजिद निवासी कांधरपुर थाना विशारतगंज को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसके चार अन्य परिजनों को धमकी और गाली-गलौच के आरोप में 6-6 महीने की सजा और 4,000-4,000 रूपये का जुर्माना लगाया गया है।
बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप
बताया जाता है कि 31 मई, 2021 की सुबह चार बजे ग्राम कांधरपुर थाना विशारतगंज निवासी आरोपी ने वादी की नाबालिग पुत्री को बहला- फुसलाकर अगवा किया और उससे बलात्कार किया। 1 जून 2021 को सुबह आठ बजे, जब पीड़िता के माता-पिता ने आरोपी के घर जाकर बेटी को वापस लाने का प्रयास किया, तो साजिद के पिता साबिर अली और अन्य परिजनों ने गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी दी।
कानूनी कार्यवाही के बाद कोर्ट का फैसला
इस प्रकरण की रिपोर्ट थाना विशारतगंज में अपराध संख्या 84/2021 में धारा 147, 149, 363, 366, 376(2)(), 504, 506 भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत दर्ज की गई थी। विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट बरेली ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत 13 गवाहों की गवाही और ठोस सबूतों के आधार पर 8 मई 2025 को फैसला सुनाया। इसमें साजिद को धारा 363/366 IPC के तहत 3 वर्ष की सजा और 6,000 रूपये का जुर्माना लगाया। पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना न देने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा
परिजनों को भी मिली सजा
इन चार परिजनों को धारा 504/506/149 IPC के अंतर्गत 06-06 माह का कारावास और 4,000-4,000 का अर्थदंड लगाया गया है। इसमें आरोपी के भाई राशिद, जाकिर, पिता साबिर अली और मां रजिया बी को सजा सुनाई गई है। अर्थदंड न देने की स्थिति में 02-02 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कुल अर्थदंड 32,000 रूपये लगाया गया है।
