मौलानगर में 500 वर्गगज पार्क की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, विरोध के बीच ध्वस्तीकरण, बीडीए बोला- न्यायालय और प्राधिकरण के आदेश पर हुई कार्रवाई
बरेली : शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर में पार्क की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर बनाई गई ‘कामधेनु गौशाला’ पर मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) का बुलडोजर चल गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस मौके पर पीएसी की एक कंपनी, बड़ी संख्या में पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कराई गई।स्थानीय लोगों की शिकायत पर बीडीए ने मामले की जांच की थी।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आचार्य संजीव गौड़ द्वारा संचालित गौशाला लगभग 500 वर्गगज पार्क की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई है। इससे बच्चों के खेलने और स्थानीय लोगों के टहलने के लिए आरक्षित सार्वजनिक पार्क पूरी तरह समाप्त हो गया था।
जांच के बाद बीडीए ने की कार्रवाई
बीडीए ने जांच के बाद निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इससे पहले 24 जुलाई को भी कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन उस दिन किसी कारणवश बीडीए की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी और अभियान स्थगित करना पड़ा था।
विरोध के बीच शुरू हुई कार्रवाई
मंगलवार सुबह बीडीए की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण शुरू किया, जैसे ही निर्माण तोड़ा जाने लगा, वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाकर पीछे हटाया और सुरक्षा घेरे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रखी। प्रशासन ने पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए।
क्या है पूरा मामला
शहर के मौलानगर के स्थानीय निवासियों का कहना था कि पार्क की करीब 500 वर्गगज भूमि पर गौशाला बनने से बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने की सुविधा प्रभावित हो गई थी। शिकायत के बाद बीडीए ने जांच कर निर्माण को अवैध पाया और ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया। मंगलवार को चली इस कार्रवाई को सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जा हटाने की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि मौके पर विरोध और तनाव का माहौल भी देखने को मिला, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरा अभियान बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के संपन्न हो गया।
जानें क्या बोले बीडीए अफसर
बीडीए अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय तथा प्राधिकरण के वैध आदेशों के अनुरूप की गई है। उद्देश्य सार्वजनिक पार्क की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराना है ताकि उसे आम लोगों के उपयोग के लिए पुनः उपलब्ध कराया जा सके।
