जुलाई-अगस्त का मानदेय लंबित, कर्मचारियों को विद्यालय आने से रोकने का भी आरोप, परिषद ने संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय के घेराव की दी चेतावनी
बरेली : शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने बरेली मंडल के राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लंबित मानदेय और कर्मचारियों को विद्यालय आने से रोके जाने के मामलों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। परिषद ने कहा है कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो 14 सितंबर 2026, सोमवार को दोपहर एक बजे संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल, बरेली के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस संबंध में परिषद की बैठक मनोभूषण इंटर कॉलेज, बरेली में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरि शंकर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं और प्रस्तावित आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
1 सितंबर को सौंपा जा चुका है पत्र
परिषद के अनुसार, बरेली मंडल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के जुलाई और अगस्त माह के लंबित मानदेय के भुगतान तथा कुछ विद्यालयों में कर्मचारियों को विद्यालय आने से रोके जाने के मामलों को लेकर परिषद ने 1 सितंबर 2026 को संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल, बरेली को पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।परिषद का कहना है कि इसके बावजूद यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो कर्मचारी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे।
दो माह का मानदेय लंबित होना बेहद कठिन
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरि शंकर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी सीमित मानदेय में अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में लगातार दो माह का मानदेय लंबित होना उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद कठिन परिस्थिति पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर समस्या का निस्तारण न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
समस्याओं के समाधान को आंदोलन की चेतावनी
मंडल अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने कहा कि परिषद लगातार कर्मचारियों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो परिषद लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिला सचिव आफाक अहमद ने कहा कि कर्मचारियों के मानदेय का समय से भुगतान उनकी मूल आवश्यकता है।विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके।
विद्यालय आने से रोकने के मामलों पर भी कार्रवाई की मांग
जिला मंत्री सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को विद्यालय आने से रोके जाने के मामलों पर भी विभाग से स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की सेवा प्रभावित न हो और उसे नियमानुसार कार्य करने का अवसर मिले, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। बैठक में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संगठन की ओर से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
शैलेश सिंह प्रदेश सचिव, सागर सर्मेन्द्र कुमार बने मंडल संयोजक
बैठक के दौरान परिषद के संगठनात्मक विस्तार की भी घोषणा की गई। संगठन को मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शैलेश कुमार सिंह को प्रदेश सचिव तथा सागर सर्मेन्द्र कुमार को मंडल संयोजक नियुक्त किया गया।।नवनियुक्त पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि वे संगठन को मजबूत करने, कर्मचारियों को एकजुट करने और उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
14 सितंबर को घेराव की तैयारी
बैठक के अंत में परिषद के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तथा संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। परिषद ने दोहराया कि 14 सितंबर को दोपहर एक बजे संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरि शंकर, मंडल अध्यक्ष हरिओम शर्मा, जिला सचिव आफाक अहमद, जिला मंत्री सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कामरान आरिफ, कोषाध्यक्ष मुहम्मद फैसल, उप सचिव शिशुपाल, जिला उपाध्यक्ष सौरभ शुक्ला समेत परिषद के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
